गुरु उत्सव पर नए अवतार में मोदी को पेश करेगी सरकार
केंद्र सरकार ने वर्षों से मनाए जा रहा शिक्षक दिवस को 'गुरु उत्सव' के रूप में मनाने का फैसला किया है। मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय गुरु उत्सव के दिन प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी को नए अवतार में पेश करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस दिन राजधानी दिल्ली में लगभग एक हजार छात्र-छात्राओं को संबोधित करेंगे, जिसका देश भर के 14 लाख स्कूलों और शिक्षण केंद्रों में सीधा प्रसारण किया जाएगा।
शिक्षक दिवस के अवसर पर किसी प्रधानंमत्री का देश भर के छात्र-छात्राओं को एक साथ संबोधित करने का ये पहला अवसर है। मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को मीडिया में जोरशोर से प्रचार करने का निर्णय लिया है।
मंत्रालय ने इसके लिए प्रिंट और टीवी के विज्ञापन तैयार किए हैं। हालांकि मंत्रालय के फैसले का कई राज्यों ने विरोध किया है। डीएमके नेता करूणानिधि ने भी शिक्षक दिवस को गुरु उत्सव के रूप में मनाने पर अपात्ति जताई है।
प्रधानमंत्री से सवाल भी पूछ सकेंगे
राज्यों के विरोध के बाद भी मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय गुरु उत्सव की तैयारी में जुटा हुआ है।
मंत्रालय के मुताबिक, मोदी के भाषण का प्रसारण दूर-दराज के स्कूलों और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी हो सके, इसके लिए विशेष तैयारी की जा रही है।
मंत्रालय का कहना है कि भाषण के बाद प्रधानमंत्री देश भर के छात्र-छात्राओं के सवालों का जवाब भी देंगे। कार्यक्रम का प्रसारण 'एडुसेट' के जरिए किया जाएगा।
जिन स्कूलों में सीधे प्रसारण की सुविधा नहीं है, उन्हें नजदीक के उन शिक्षण केंद्रों पर ले जाया जाएगा, जहां प्रसारण की सुविधा उपलब्ध होगी। सरकार ने इसके लिए नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर और इसरो को तैयारियों में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
सुनाई दे रहे राज्यों से विरोध के स्वर
वहीं, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर कुछ राज्यों से विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं। निजी स्कूलों ने भी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का विरोध किया है। पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि राज्य के कई स्कूलों में जरूरी संसाधनों की कमी है, ऐसे में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण संभव नहीं है।
राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि यदि केंद्र हमें ऐसे निर्देश देती भी है तो अब जरूरी संसाधनों का इंतजाम करने को वक्त काफी कम बचा है। राजधानी दिल्ली के निजी स्कूलों में भी पीएम के इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह नहीं है।
इन स्कूलों का कहना है कि प्रसारण के लिए बाध्य किए जाने से उस दिन होने वाले अन्य कार्यक्रमों का महत्व कम हो जाएगा। तमिलनाडु के शिक्षा विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि राज्य के स्कूलों में प्रधानमंत्री के संबोधन के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं लेकिन ऐसा कोई आदेश आता है तो संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
हालांकि उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से छात्रों और शिक्षकों के संबंधों में सुधार आएगा। हालांकि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड और आंध्र प्रदेश समेत अन्य राज्यों में प्रधानमंत्री के संबोधन को लेकर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
CM के रूप में भी मोदी कर चुके हैं ये काम
गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान मोदी शिक्षक दिवस पर राज्य के स्कूली छात्रों से रूबरू होते थे।
प्रधानमंत्री मोदी 5 सितंबर को मानेकशॉ आडिटोरियम में करीब 1000 छात्रों से बात करेंगे। साथ ही वह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कुछ सवालों के जवाब भी देंगे। पीएम के संबोधन का प्रसारण दोपहर 3 बजे से होगा और करीब 4:45 बजे तक चलेगा।
दूरदर्शन और अन्य शैक्षणिक चैनलों के जरिए पीएम के संबोधन का प्रसारण देशभर के सरकारी और निजी स्कूलों में किया जाएगा।