यूजीसी को भंग नहीं किया जाएगा
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी को भंग करने की खबरों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया है। हालांकि यूजीसी के पुनर्गठन और उसे मजबूत करने के लिए मंत्रालय की ओर से गठित समिति ने एक नई परिषद के रूप में नई संस्था बनाने की सिफारिश की है।
मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की ओर से गठित समिति ने यूजीसी के मौजूदा स्वरूप को खारिज करते हुए इसके पुनर्गठन की सिफारिश की है।
समिति ने यूजीसी का नया नाम ‘नेशनल हायर एजुकेशन अथॉरिटी’ रखने की सलाह दी है। समिति ने साफ कहा है कि यूजीसी को जिस मकसद से गठित किया गया था, उसे पूरा करने में वह असफल रहा। शिक्षा के क्षेत्र की नई चुनौतियों से निपटने में यूजीसी असफल रहा है।
‘नेशनल हायर एजुकेशन अथॉरिटी’ होगा नया नाम!
इस बीच, मंत्रालय ने विवादों से बचने के लिए कहा कि उसके सामने आज की तारीख में किसी तरह का कोई विकल्प नहीं है। मंत्रालय ने कुछ महीने पहले यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष हरी गौतम के नेतृत्व में एक समिति बनाई थी।
यूजीसी की तरफ से सफाई देते हुए मानव संसाधन मंत्रालय के उच्च शिक्षा मामलों के सचिव सत्यनारायण मोहंती ने कहा है कि यूजीसी को भंग करने की बात गलत और भ्रामक है। यूजीसी का गठन संसद में कानून पारित होने के बाद हुआ था। इसलिए इसमें किसी भी तरह के बदलाव के लिए संसद की मंजूरी की जरूरत है।
मोहंती ने साथ ही यह भी माना है कि 21वीं सदी में शिक्षा का स्वरूप बदला है। इसलिए यूजीसी को मजबूत बनाने और पुनर्गठन की जरूरत समझते हुए समिति बनाई गई थी। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यूजीसी को भंग किया जा रहा है। मोहंती ने कहा कि अभी मंत्रालय ने समिति की सिफारिशों का गहन अध्ययन नहीं किया है। पढ़ने के बाद ही स्वीकृत और अस्वीकृत सिफारिशों का फैसला होगा।