फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   how will records investigated without documents of khurshid trust

खुर्शीद ट्रस्ट: बिना दस्तावेज कैसे खंगालेंगे रिकार्ड?

Thu, 18 Oct 2012 07:39 AM IST
बुलंदशहर/ब्यूरो
बुलंदशहर/ब्यूरो Updated Thu, 18 Oct 2012 07:39 AM IST
विज्ञापन
how will records investigated without documents of khurshid trust

बिना दस्तावेज के ही विकलांग कल्याण विभाग फर्जीवाड़े की जांच करने की तैयारी कर रहा है। दस साल में जिले में लगाए गए विकलांग सहायता कैंपों और इनमें लाभ पाने वालों की जानकारी जुटाने के लिए अब शुरूआत की जा रही है। शासन स्तर से इस तरह की जानकारी मांगे जाने के संकेत मिलने के बाद अफसरों ने कवायद तेज कर दी है, लेकिन विभाग के पास ज्यादातर रिकार्ड मौजूद ही नहीं हैं।

विज्ञापन


बुलंदशहर जिले में पिछले एक दशक में ऑफ द रिकार्ड दर्जनों स्थानों पर विकलांग सहायता कैंप लगाए गए हैं। इनमें दर्जनों पात्रों को लाभ देने का दावा किया गया है। डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट के विकलांग कैंप में घपले की आशंका के बाद अब सभी कैंपों के पात्रों और इन कैंपों पर खर्च किए गए सरकारी धन का रिकार्ड जुटाने की कोशिश तेज की गई है। विकलांग कल्याण विभाग के सूत्रों पर विश्वास करें तो शासन ने इनकी जानकारी जुटाने के संकेत जनपद स्तरीय अधिकारियों को दे दिए हैं। इससे अफसरों की नींद उड़ गई है।
विज्ञापन


विकलांग कल्याण विभाग के पास एनजीओ के स्तर से लगने वाले कैंपों की कोई जानकारी नहीं है। किसी एनजीओ ने विभाग से पात्रों की सूची तक नहीं ली है। विकलांग कल्याण विभाग के पास जनपद में लगाए गए विकलांग कल्याण कैंपों, इनको लगवाने वाले एनजीओ, लाभार्थियों, कैंप लगने के लिए दिखाए गए स्थानों और इन पर खर्च होने वाली धनराशि के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला विकलांग कल्याण अधिकारी एसके गौतम ने बताया कि उन्हें हाल ही में चार्ज मिला है। उनको केवल एक फाइल दी गई है। इसके अलावा कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। उक्त फाइल में केवल एक कैंप के कागजात हैं, जिनकी जांच शासन से कराई जा रही है। इस संदर्भ में पूर्ववर्ती अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी जुटाई जाएगी। आगे से मानकों का उल्लंघन करने वालों की सूचना उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed