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कैसे तैयार होते हैं ये फिदायीन हमलावर

Thu, 14 Mar 2013 01:37 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 14 Mar 2013 01:37 PM IST
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How to ready suicide bombers

फिदायीन यानी आत्मघाती हमलावर, किसी भी देश के लिए आतंक का सबसे भयानक चेहरा माने जाते हैं। इन फिदायीन हमलावरों को एक लक्ष्य दिया जाता है, जिसे पूरा करने के लिए फिदायीन अपनी जान दे देते हैं। आइए जानते है कैसे एक आम आदमी जिहाद के नाम पर इतनी आसानी से मरने को तैयार हो जाता है।

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* 18 से 25 की उम्र के बीच के गरीब और कम पढ़े लिखे लड़कों का ब्रेन वॉश कर फिदायीन बनाते हैं
* आतंकवाद को जेहाद से जोड़ना फिदायीन ट्रेनिंग का पहला पड़ाव है
* फिदायीन को शहीद के तौर पर दर्शाया जाता है
* लश्कर-ए-ताइबा और अल कायदा के राजनीतिक विंग फिदायीन ट्रेनिंग देते हैं
* रावलपिंडी से लेकर मुजफ्फराबाद में दी जाने वाली ट्रेनिंग के बाद तमगा दिया जाता है
* इस ट्रेनिंग को दौरा-ए-आम और दौरा-ए-खास का नाम दिया जाता है
* भारत में फिदायीन हमलावरों की घुसपैठ एलओसी, नेपाल और बांग्लादेश से कराई जाती है
* भारत को निशाना बनाने के लिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में फिदायीन ट्रेनिंग दी जाती है

सीमा पार, आतंक का बाजार
* भर्ती, ट्रेनिंग और हमले के लिए अलग -अलग कैंप हैं।
* मुजफ्फराबाद, लाहौर के कैंपों में 35 दिन की ट्रेनिंग देते हैं।
* यहां से ब्रेनवॉश आतंकियों को लॉन्चिंग कैंपों में भेजा जाता है।
* कैंपों में हथियार, नेविगेशन व वायरलैस की ट्रेनिंग दी जाती है।
* कैंपों में 10 से 30 आतंकी और उनके हैंडलर होते हैं।
* यहां से आतंकियों को हमले वाले कैंपों में भेजा जाता है, जहां उन्हें मिशन की जानकारी दी जाती है।

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