फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   how are hurricanes named

जानिए समुद्री तूफानों के नामों के पीछे की कहानी

Wed, 31 Oct 2012 08:31 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 31 Oct 2012 08:31 AM IST
विज्ञापन
how are hurricanes named

अटलांटिक महासागर में उठने वाले उस उष्ण कटिबंधीय तूफान जिसकी हवाओं की रफ्तार 39 मील प्रति घंटा होती है, उसे एक नाम दे दिया जाता है। नामों लिस्ट पहले से तय होती है।

विज्ञापन


जब इस तूफान की हवाएं 74 मील प्रति मील से ज्यादा तेज हो जाती हैं तो यह चक्रवाती तूफान (हरीकेन) कहलाता है जैसे अमेरिका में आया तूफान सैंडी। श्रेणी बदलती है पर तूफान का नाम नहीं बदलता।
विज्ञापन


तूफानों का नामकरण
हर साल कई तूफान आते हैं। पहले तूफान का नाम ए से दूसरे का बी से और पूरे साल आगे आने वाले तूफानों के नाम अंग्रेजी वर्णमाला के बढ़ते क्रम में रखे जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कब पुरुष नाम, कब महिला नाम
यह काफी दिलचस्प है हर साल कि सम संख्या वाले तूफान को पुरुष नाम दिया जाता है जैसे अगस्त में आया तूफान इसाक। इसी तरह किसी भी वर्ष विषम संख्या वाले तूफानों को महिला नाम दिया जाता है जैसे सैंडी।

लिस्ट के नाम
वर्ल्ड मीटीऑरलाजिकल ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएमओ) अटलांटिक के तूफानों की लिस्ट तैयार करता है। डब्ल्यूएमओ के पास छह लिस्ट होती हैं, जो छह-छह साल के अंतराल पर इस्तेमाल की जाती हैं। हर लिस्ट में 21 नाम होते हैं।

कब लिस्ट से तूफान का नाम होता है रिटायर
अगर कोई तूफान बड़ी तबाही मचाता है तो उसका नाम लिस्ट से हटा दिया या रिटायर कर दिया जाता है। जैसे कैटरीना। कैटरीना ने अमेरिका के पश्चिमी राज्यों में बड़ी तबाही मचाई थी, काफी जन और धन हानि हुई थी। इस तूफान ने 1833 जानें ली थीं।  

सबसे बड़ी आपदा हैं सैंडी: ओबामा
अपने चुनाव को अभियान को बीच में रोक देने वाले राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सैंडी को ‘सबसे बड़ी आपदा’ घोषित किया है और राहत कार्यों की बागडोर खुद थाम ली है। उल्लेखनीय है कि सैंडी से 12 राज्य प्रभावित हुए हैं। 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। पूरे अमेरिका में कुल पांच करोड़ लोग इस तूफान से प्रभावित हुए हैं।

परमाणु अलर्ट
भीषण तूफान में न्यू जर्सी के ओयस्टर क्रीक परमाणु ऊर्जा संयंत्र अमेरिका की चिंता का सबब बना हुआ है। अमेरिकी परमाणु निगरानी आयोग (एनआरसी) ने इसे लेकर अलर्ट घोषित कर दिया है। समुद्र में उठी लहरों और तेज बारिश के कारण इस संयंत्र में पानी ‘सतर्कता योग्य न्यूनतम उच्चस्तर’ तक पहुंच चुका है। तेज हवाओं और बढ़ते जल स्तर से संयंत्र को खतरा है। एनआरसी ने कहा है कि यहां कई प्लांट हालांकि बंद हैं, लेकिन तूफान के कारण फिलहाल किसी चालू प्लांट को बंद नहीं किया गया है।


गुरुद्वारे बने शरणस्थली
पूरे अमेरिका में गुरुद्वारे इस समय तूफान प्रभावित लोगों की शरणस्थली बने हुए हैं। इंटरनेशनल सिख फोरम ने मंगलवार को यह घोषणा की। अमेरिकन गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एजीपीसी) के अनुसार सभी गुरुद्वारों में शरण लेने वालों को भोजन, पानी और रहने की जगह मुहैया कराई जा रही है। एजीपीसी ने अपने वक्तव्य में कहा है कि चूंकि आम तौर पर गुरुद्वारा परिसर विशाल होते हैं और हमारे पास भोजन-पानी की पर्याप्त व्यवस्था होती है इसलिए संकट के इस समय में हमने जरूरतमंदों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed