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नरेंद्र मोदी ने राजनाथ से छीने महत्वपूर्ण अधिकार!

Thu, 14 Aug 2014 05:39 PM IST
Updated Thu, 14 Aug 2014 05:39 PM IST
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Home Minister reduced to a rubber stamp in selection process

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को रबर स्टांप में तब्दील कर दिया है।

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उन्होंने मंत्रियों से सचिवों और सलाहकारों की नियुक्ति का अधिकार पहले ही छीन लिया था, एक अंग्रेजी अखबार की मानें तो अब उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से नौकरशाहों की नियुक्तियों सें संबंधित सभी अधिकार छीन लिए हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राजनाथ सिंह को अब नियुक्ति के किसी भी आदेश में पर दस्तखत मात्र करना होता है। नियुक्ति को स्वीकृति मोदी ही प्रदान करते हैं।

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नियुक्ति पत्रों पर हस्‍ताक्षर भर करते हैं राजनाथ

Home Minister reduced to a rubber stamp in selection process

नियुक्ति की नई प्रक्रिया के मुताबिक, मोदी की ‌स्वीकृति के बाद नियुक्ति पत्रों पर गृहमंत्री के हस्‍ताक्षर के लिए निर्धारित स्‍थानों पर राजनाथ सिंह को मात्र हस्‍ताक्षर करना होता है।

मोदी सरकार में नियुक्ति प्रक्रिया कुछ इस प्रकार कर ली गई है- इस्टेब्लिशमेंट ऑफिसर नियुक्ति का प्रस्ताव कैबिनेट सेक्रेटरी के पास भेजता है। कै‌बिनेट सेक्रेटरी प्रधानमंत्री से अनुमति प्राप्त करता है।

अनुमति प्राप्त होते ही कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग प्रस्ताव को गृहमंत्रालय के पास अनुमोदन के लिए भेज देता है और नियुक्ति के लिए आदेश पारित कर देता है।

बदली गई नियुक्ति प्रक्रिया

Home Minister reduced to a rubber stamp in selection process

मोदी सरकार की नई प्रक्रिया के तहत गृहमंत्री की भूमिका रबर स्टांप की होकर रह गई है। प्रधानमंत्री द्वारा अनुमोदन कर दिए जाने के बाद गृहमंत्री को प्रस्ताव पर हस्ताक्षर मात्र करना होता है, जबकि पहले संयुक्त सचिव स्तर की सभी न‌ियुक्ति गृहमंत्री के अनुमोदन के बाद ही आगे बढ़ती थी।

संयुक्त सचिव स्तर की और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के अधिकारियों की नियु‌क्ति का प्रस्ताव सबसे पहले गृहमंत्री के पास भेजा जाता था। उसकी अनुमति के बाद ही प्रस्ताव आगे बढ़ता था।

नियुक्ति की पुरानी प्रक्रिया के मुताबिक एसीसी के प्रस्तावों को कैबिनेट सेक्रेटरी गृहमंत्री के पास भेजता था। गृहमंत्री के अनुमोदन के बाद उसे प्रधानमंत्री के पास भेजा जाता था।

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गृहमंत्री से बेहतर कै‌बिनेट सेक्रेटरी की स्थिति

Home Minister reduced to a rubber stamp in selection process

मोदी सरकार की नई प्रक्रिया से कार्मिक एवं प्रशिक्षण राज्य मंत्री की स्थिति गृहमंत्री राजना‌थ सिंह से बेहतर है। कम से कम वो इस्टेब्लिशमेंट ऑफिसर द्वारा कैबिनेट सचिवालय को प्रस्ताव भेजे जाने से पहले एक बार जरूर देख लेता है।

नई प्रक्रिया से गृहमंत्री की स्थिति तो कमजोर हुई लेकिन बड़ी अधिकारियों की नियुक्ति में इस्टेब्लिशमेंट ऑफिसर और कैबिनेट सेक्रेटरी का महत्व अधिक ही बढ़ गया है।

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