देश भर में मनाई जा रही है होली
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देश भर में आज रंगों का त्योहार होली मनाया जा रहा है. देश भर में लोग एक दूसरे पर रंग और गुलाल डाल कर शुभकामनाएँ दे रहे हैं।
चुनाव प्रक्रिया के बीच पड़ी होली ने हालांकि राजनीतिक नेताओं की होली को थोड़ा फीका किया है क्योंकि चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से नेताओं को सार्वजनिक कार्यक्रमों में मंच पर शामिल होने में सावधानी बरतनी होगी।
परीक्षाएँ भी चल रही हैं। इसलिए खास तौर पर बोर्ड की परीक्षाएँ देने वाले छात्रों के लिए भी होली का रंग थोड़ा फीका ही है।
रविवार को पूर्णिमा की रात देश भर में जगह-जगह होलिका दहन किया गया। पौराणिक कथाओं के अनुसार बुराई की प्रतीक होलिका का दहन कर लोग बुराई को नष्ट करने का संकल्प लेते हैं।
होलिका दहन
सोमवार की सुबह से ही होली मनाने वाली टोलियां घर से निकल पड़ीं। 'बुरा ना मानो होली है' के नारे के साथ लोगों ने एक दूसरे पर रंग डालते रहे और एक दूसरे पर गुलाल मलते रहे।
पिछले कुछ वर्षों से कई स्वयंसेवक संगठनों की ओर से पानी की बचत करने की अपील की जाती रही है और कहा जाता रहा है कि लोग सूखे रंगों से ही होली खेलें। इसका थोड़ा असर इस होली पर भी दिखाई दे रहा है।
प्रशासन की ओर से होली पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यवस्था की गई है. प्रशासन की ओर से जबरदस्ती किसी पर रंग न डालने की सलाह दी गई है।
राजनीतिक रंग फीका
आमतौर पर राजनेता होली को जनसंपर्क के अचूक अवसर की तरह उपयोग में लाते रहे हैं। लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव की घोषणा हो जाने की वजह से आचार संहिता लागू हो गई है।
इससे नेताओं के हाथ बंध गए हैं। इस बार होली मिलन समारोहों पर चुनाव आयोग की भी नजरें हैं और यदि नेता इन समारोहों में हिस्सा लेते हैं तो इन आयोजनों उनके या पार्टी के चुनाव खर्च में जोड़ा जा सकता है।
इसी तरह सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं के बीच पड़ी इस होली ने बहुत से छात्रों की होली को फीका कर दिया है।