HIV पॉजिटिव छात्र को स्कूल से निकालने पर प. बंगाल से जवाब तलब
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना क्षेत्र के एक निजी स्कूल द्वारा एचआईवी पॉजिटिव एक छात्र के स्कूल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया है।
इतना ही नहीं इस स्कूल में पढ़ाने वाली उसकी नानी को भी परीक्षण से गुजरना पड़ा और उसके बाद से उसे लगातार मौखिक प्रताड़ना सहनी पड़ रही है।
आयोग ने इस मामले को न केवल मानवाधिकार आयोग का घोर उल्लंघन बताया बल्कि शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन भी करार दिया।
नानी का भी किया गया था परीक्षण
आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी करते हुए चार हफ्ते में विस्तृत
रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है। आयोग ने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा
कि एचआईवी के प्रति जागरूकता में कमी के कारण ऐसा हुआ है।
जानकारी के
मुताबिक, पिछले साल जुलाई महीने में इस स्कूल में पढ़ने वाले सात वर्षीय
बच्चे के एचआईवी पॉजिटिव होने का पता चला। छात्र की स्वास्थ्य संबंधी
रिपोर्ट गोपनीय थी लेकिन स्कूल तक यह जानकारी पहुंच गई।
इसके बाद स्कूल में
पढ़ने वाले कुछ छात्रों के अभिभावकों ने आवेदन पर हस्ताक्षर कर एचआईवी
पॉजिटिव छात्र को स्कूल से बाहर करने की मांग की थी। छात्र के माता-पिता भी
एचआईवी पॉजिटिव हैं। वहीं उसी स्कूल में पढ़ाने वाली नानी को प्योरिटी
टेस्ट से गुजरना पड़ा।