हिट एंड रनः एटार्नी जनरल की दलील, सलमान चला रहे थे कार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहुचर्चित हिट एंड रन मामले में महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से एटार्नी जनरल ने दलील पेश करते हुए कहा कि हिट एंड रन मामले में मुख्य अपराधी सलमान खान ही हैं। घटना के दौरान केवल वो ही थे जो गाड़ी चला रहे थे।
एटार्नी जनरल ने सलमान खान के ड्राइवर की उस बात को भी नकार दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि घटना के दौरान गाड़ी वो चला रहे थे। घटना के 13 साल बाद ड्राइवर का यह कबूल करना पूरी तरह बेबुनियाद है।
हिट एंड रन मामले में सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुई पहली सुनवाई के दौरान एटार्नी जनरल ने बांबे हाइकोर्ट द्वारा सलमान खान को जमानत देने का पुरजोर विरोध किया। मामले की सुनवाई करते सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सलमान खान को बरी किए जाने के मामले में कोई भी आदेश पारित करने से पहले हमे इस संबंध में अपना मन बनाना होगा। मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी।
AG for Maha Govt in SC: Salman is the main culprit, he was the one driving the car at the time of incident. #hitandruncase
— ANI (@ANI_news) February 5, 2016
AG for Maha Govt in SC: Salman's saying his driver was driving the car is totally false. Driver surfaced in case after 13 years of incident.
— ANI (@ANI_news) February 5, 2016
महाराष्ट्र सरकार ने दायर की थी याचिका
बता दें कि हिट एंड रन मामले में दशकभर चली सुनवाई के बाद निचली अदालत ने सलमान खान को दोषी मानते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी। लेकिन सलमान की याचिका पर हाइकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था।
शीर्ष कोर्ट ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूतों और गवाहों को अपर्याप्त मानते हुए सलमान को दोषी मानने से इंकार कर दिया था। कोर्ट ने मामले के मुख्य गवाह रहे कांस्टेबिल रवीन्द्र पाटिल की गवाही को भी संदेहास्पद मानते हुए कहा था कि अकेले उनकी गवाही के आधार पर सलमान को दोषी नहीं माना जा सकता।
शीर्ष अदालत के इस निर्णय के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। राज्य सरकार ने हाइकोर्ट के फैसले को न्याय के साथ मजाक बताते हुए कहा है कि शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया और कई अहम फैसलों का जवाब नहीं दिया। हाइकोर्ट ने यह तो माना कि सलमान गाड़ी नहीं चला रहे थे लेकिन यह नहीं बताया गाड़ी कौन चला रहा था।