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सहारनपुर: रिपोर्ट पर गरमाई सियासत

Fri, 08 Aug 2014 08:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Fri, 08 Aug 2014 08:44 AM IST
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hiprofile report on saharanpur riot

सहारनपुर दंगे के आरोप में हाईप्रोफाइल रिपोर्ट से सियासत गरमाने लगी है। दंगे से पहले भीड़ को उकसाने मामले में भी एमएलसी और पूर्व विधायक को घेरने की तैयारी हो रही है। रिपोर्ट में इस बात जिक्र है कि दोनों ने भीड़ को उकसाया। ऐसे में एफआईआर के आधार पर राजनीतिक दल प्रदेश सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गए हैं। उधर, इस मामले के खुलासे के बाद एमएलसी और पूर्व विधायक की मुसीबत भी बढ़ने लगी हैं। इस मामले में अब तक नजरअंदाज रहे दर्जा प्राप्त मंत्री के बेटे के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज करने की मांग उठने लगी है।

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29 जुलाई को दंगे के मास्टर माइंड मोहर्रम अली पप्पू के साथ एमएलसी उमर अली खान और पूर्व विधायक इमरान मसूद भी नामजद हुए थे। मामला हाईप्रोफाइल होने से पुलिस इस रिपोर्ट को दबाए बैठी थी। अब मामले का खुलासा होने पर उनकी मुसीबतें बढ़नी लाजिमी है। 26 जुलाई को रात में जब लोग थाने पहुंचे थे तब भीड़ बहुत कम थी। इनकी मौजूदगी में ही एकाएक भीड़ आई और दंगा भड़का। हालांकि शुरूआत से ही इन नेताओं का नाम दंगे से जुड़ रहा था, मगर मोहर्रम अली पप्पू की गिरफ्तारी के बाद कुछ हद तक मामला शांत रहा।
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अब रिपोर्ट ने पुलिस और प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि पुलिस गलती मान रही है और मुकदमा संख्या 306 का हवाला दे रही है। मगर, वादी ने साफ कर दिया है कि उसकी रिपोर्ट सही है। ऐसे में पुलिस पर गिरफ्तारी का दबाव है। इस मुद्दे को विपक्ष भी जोर-शोर से उठाने की तैयारी में जुटा है।
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गले की फांस बनेगा दंगा

hiprofile report on saharanpur riot

सहारनपुर में उपचुनाव से ठीक पहले हुए दंगे का जिन्न राजनीतिक दलों के गले की फांस बनेगा। कारण, दंगे के बाद शुरू हुई सियासत में हर कोई एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहा है। ऐसे में एक बात साफ है कि सबसे ज्यादा नुकसान समाजवादी पार्टी को हो सकता है। सपा प्रत्याशी के विवादित बयान के बाद सिख सभा नाराज है।

उधर, एमएलसी के खिलाफ रिपोर्ट में अगर गिरफ्तारी नहीं होती तो भी यह सपा के खिलाफ चुनावी माहौल बनेगा। लोकसभा चुनाव में मतों के ध्रुवीकरण और सांप्रदायिकता का आरोप झेल रहे इमरान मसूद के लिए यह दंगा मुसीबत खड़ा करेगा।

शहर से कर्फ्यू हटा
सांप्रदायिक दंगे के बाद शहर में लगाये गए कर्फ्यू को जिला प्रशासन ने 13वें दिन पूरी तरह हटा लिया। डीएम संध्या तिवारी ने बृहस्पतिवार शाम इसकी घोषणा की। शहर के शांत हुए माहौल को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। एहतियात के तौर पर पुलिस, पीएसी और अर्द्ध सैनिक  बलों की तैनाती रहेगी। उन्होंने लोगों से शहर में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखने में अपील की है।

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