निर्देशक ने बताया हिंदू संगठनों ने क्यों किया पीके का विरोध
प्रख्यात फिल्म निर्देशक राजकुमार हिरानी ने जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा है कि फिल्म पीके का विरोध केवल उन लोगों ने किया जो प्रचार पाना चाहते थे। वे पहले मीडिया के सामने फिल्म के विरोध में बयान देते और इसके बाद थिएटर पहुंच जाते। उन्होंने कहा कि विरोध के बावजूद फिल्म सफल रही और इस बात ने साबित कर दिया कि दर्शन काफी समझदार हैं।
उन्होंने बताया कि पीके का नाम पहले हमने ‘एक था टल्ली’ रखा था, लेकिन ऐसे ही एक नाम की फि ल्म रिलीज हो चुकी थी। इसलिए इसे बदल कर पीके कर दिया गया।
हिरानी शनिवार को जयपुर में फिक्की लेडीज ऑर्गेनाइजेशन की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले लोगों ने फिल्म ‘मुन्ना भाई’ का विरोध किया था, लेकिन दूसरे दिन से ही लोगों को फिल्म पसंद आने लगी। ठीक ऐसा ही पीके के साथ हुआ।
सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्म बनी पीके
आज यह सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फि ल्म बन गई है। उन्होंने कहा कि मुझे भगवान से कोई परेशानी नहीं है, उनको (भगवान) गलत ढंग से पेश कर लोग पैसा बना रहे हैं। लोग डर के कारण भगवान को मानते हैं, जबकि वे किसी का बुरा नहीं करते।
पीके के पहले ट्रांजिस्टर वाले पोस्टर पर हीरानी ने कहा कि एक छोटे बच्चे या किसी जानवर को हम नंगा देखते हैं, तो कोई प्रतिक्रिया नहीं करते। दरअसल ये सब दिमाग की उपज है।
हिरानी ने कहा कि मैं बहुत खुले विचारों वाले परिवार में पला बढ़ा हूं और अपने बड़ों से सभी विषयों पर खुल कर बात करता हूं।
संजय दत्त की लाइफ पर बनाएंगे फिल्म
हिरानी ने कहा कि फिलहाल वे अपने अगले प्रोजेक्ट में व्यस्त हो गए हैं जो कि संजय दत्त के जीवन पर आधारित है। संजय दत्त का जीवन एक बड़ी कहानी है।
उन्होंने बताया कि संजू ही वह पहला अभिनेता था जिसके साथ मैंने काम किया, मैंने उसके साथ तीन फिल्में की। हिरानी ने कहा कि परोल के दौरान मैं उससे लगातार 25 दिनों तक मिलता रहा।
इसके बाद मैंने यह निश्चिय किया कि मैं उसके जीवन पर फिल्म बनाऊंगा। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में संजय दत्त के पिता सुनील दत्त से उनके संबंधों के साथ-साथ उन दिनों की कहानी है जब वे ड्रग्स लेते थे। अंडरवर्ल्ड से उनके संबंधों से लेकर जेल जाने तक पूरी स्टोरी फिल्म में है।