{"_id":"24172f823747e9e801c804a4860452bb","slug":"hindu-christian-religion-hazaribagh","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरने के बाद भी भटकती रही लाश","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
मरने के बाद भी भटकती रही लाश
इंटरनेट डेस्क।
Updated Fri, 16 Aug 2013 11:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मरने के बाद भी लोगों को दो गज जमीन मुहैया नहीं हो पा रही है। एक ऐसा ही वाकया झारखंड के हजारीबाग में देखने को मिला।
एक महिला कांति लाकरा को अपना धर्म परिवर्तन करना इतना महंगा पड़ा कि मरने के बाद उसका शव 36 घंटे तक भटकता रहा। जन्म से हिंदू महिला ने बाद में ईसाई धर्म अपना लिया था।
टीएनएन न्यूज नेटवर्क के मुताबिक किडनी खराब होने के कारण कांति लाकरा का निधन 12 अगस्त को हो गया था। जब महिला का पति शिव प्रकाश राम अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए घाट पहुंचा तो गांव के लोगों ने यह कहकर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया कि वह हिंदू नहीं है।
डीएसपी रत्नेश्वर ठाकुर ने बताया कि इसके बाद चार चर्च से महिला के अंतिम संस्कार के लिए जगह उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। पर चारों चर्च ने यह कहकर जगह देने से मना कर दी कि कांति लाकरा जन्म से क्रिश्चियन नहीं थी।
विज्ञापन
महिला की मौत के 36 घंटे बाद जाकर प्रशासन ने सरकारी भूमि पर ही भारी पुलिसबल की मौजूदगी में महिला का अंतिम संस्कार करवाया।
विज्ञापन
एक महिला कांति लाकरा को अपना धर्म परिवर्तन करना इतना महंगा पड़ा कि मरने के बाद उसका शव 36 घंटे तक भटकता रहा। जन्म से हिंदू महिला ने बाद में ईसाई धर्म अपना लिया था।
टीएनएन न्यूज नेटवर्क के मुताबिक किडनी खराब होने के कारण कांति लाकरा का निधन 12 अगस्त को हो गया था। जब महिला का पति शिव प्रकाश राम अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए घाट पहुंचा तो गांव के लोगों ने यह कहकर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया कि वह हिंदू नहीं है।
विज्ञापन
डीएसपी रत्नेश्वर ठाकुर ने बताया कि इसके बाद चार चर्च से महिला के अंतिम संस्कार के लिए जगह उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। पर चारों चर्च ने यह कहकर जगह देने से मना कर दी कि कांति लाकरा जन्म से क्रिश्चियन नहीं थी।
विज्ञापन
महिला की मौत के 36 घंटे बाद जाकर प्रशासन ने सरकारी भूमि पर ही भारी पुलिसबल की मौजूदगी में महिला का अंतिम संस्कार करवाया।