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मरने के बाद भी भटकती रही लाश

Fri, 16 Aug 2013 11:29 AM IST
इंटरनेट डेस्क।
इंटरनेट डेस्क। Updated Fri, 16 Aug 2013 11:29 AM IST
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मरने के बाद भी लोगों को दो गज जमीन मुहैया नहीं हो पा रही है। एक ऐसा ही वाकया झारखंड के हजारीबाग में देखने को मिला।
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एक महिला कांति लाकरा को अपना धर्म परिवर्तन करना इतना महंगा पड़ा कि मरने के बाद उसका शव 36 घंटे तक भटकता रहा। जन्म से हिंदू महिला ने बाद में ईसाई धर्म अपना लिया था।

टीएनएन न्यूज नेटवर्क के मुताबिक किडनी खराब होने के कारण कांति लाकरा का निधन 12 अगस्त को हो गया था। जब महिला का पति शिव प्रकाश राम अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए घाट पहुंचा तो गांव के लोगों ने यह कहकर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया कि वह हिंदू नहीं है।  
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डीएसपी रत्नेश्वर ठाकुर ने बताया कि इसके बाद चार चर्च से महिला के अंतिम संस्कार के लिए जगह उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। पर चारों चर्च ने यह कहकर जगह देने से मना कर दी कि कांति लाकरा जन्म से क्रिश्चियन नहीं थी।
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महिला की मौत के 36 घंटे बाद जाकर प्रशासन ने सरकारी भूमि पर ही भारी पुलिसबल की मौजूदगी में महिला का अंतिम संस्कार करवाया।
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