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'राम मंदिर के लिए यूपी में हिंदू मुख्यमंत्री जरूरी'

Thu, 04 Feb 2016 08:43 AM IST
Updated Thu, 04 Feb 2016 08:43 AM IST
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hindu chief minister necessary in uttar preadesh to make ram temple

राम मंदिर के लिए यूपी में सशक्त हिंदू मुख्यमंत्री का होना बहुत जरूरी है। एक ऐसा मुख्यमंत्री, जो राम मंदिर बनवाने के लिए हर तरह की कुर्बानी देने को तैयार हो। दुग्धेश्वरनाथ मंदिर, गाजियाबाद के महंत महामंडलेश्वर नारायण गिरि के इस प्रस्ताव पर गोरखनाथ मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में जुटे हजार से अधिक साधु-संतों ने आदित्यनाथ के समर्थन में नारे लगाए।

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संत सभा-चिंतन बैठक में रामजन्म भूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण, धर्मांतरण रोकने के लिए कानून बनाने, समान नागरिक संहिता लागू करने, गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गंगा की स्वच्छता जैसी हिंदू समाज की विविध चुनौतियों एवं उनके समाधान पर मंथन किया गया। संत सभा हिंदू समाज की एकता और सामाजिक समरसता पर केंद्रित रही। चिंतन के निष्कर्ष को हिंदू धर्म के सभी पंथों के आचार्यों, धर्माचार्यों एवं धर्मगुरुओं ने ‘नवधा मंत्र’ के रूप में स्वीकार किया।
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समापन समारोह में जितेंद्रनाथ महाराज, सुरेशानंद महाराज, दिव्यानंद महाराज, स्वामी चिन्मयानंद महाराज, गर्भुस्वामी महाराज, स्वामी रामानुजचार्या ब्रह्मचारी महराज, राम नयनदास महाराज, बाबा रामदास महाराज, स्वामी हरीहरचरण भारती, अतुल कृष्ण महाराज सहित अनेक संतों के अलावा उपेंद्र दत्त शुक्ला, राकेश सिंह पहलवान, कामेश्वर सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, सुनील सिंह, रामलक्ष्मण, अरुणेश शाही, जर्नादन तिवारी, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, पीके मल्ल, डॉ. सत्येंद्र सिन्हा, डॉ. प्रदीप राव, मनीष श्रीवास्तव, डॉ. भानु प्रताप सिंह, कृष्णपाल सिंह श्रीनेत, अच्युतानन्द शाही, रणंजय सिंह जुगनू, ऋषिमोहन वर्मा आदि मौजूद थे।

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इन्हें किया गया सम्मानित

hindu chief minister necessary in uttar preadesh to make ram temple

कार्यक्रम को सफ ल बनाने पर संतों ने अशोक जालान, नवलकांत शाह, अरुण कुमार अग्रवाल, अतुल सर्राफ , प्रमोद मातनहेलिया, सीताराम जायसवाल, जीएस राय, अमित सिंह, फ तेह बहादुर सिंह, अतुल सिंह, अवधेश सिंह, महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह, वीर सिंह सोनकर, धर्मदेव चौहान, राकेश सिंह बधेल, रामलखन, शिवमूर्ति, सूबेदार, अखिलेश, विद्युत राय, विजय कौशिक, रामचंद्र पांडेय, मुकेश खांडेकर, बालमुकुंद पांडेय आदि को सम्मानित किया गया।

संत सभा के ‘नवधा मंत्र’

1- हम सभी भारतमाता के पुत्र हैं। एक हैं। एकात्म हैं। हम एकात्म मानवता के पुजारी हैं। एकांगीभूत हैं। जिन अंगों में रक्त संचार कम है, उन्हें भी सबल बनाना है। समता-ममता-बंधुत्व आधारित कार्य का विस्तार करें।
2- गरीबों-असहायों के लिए चिकित्सा की नि:शुल्क व्यवस्था करें।
3- सभी पढ़ें, सभी बढ़ें का अभियान चलाएं। शिक्षा को सेवा का माध्यम बनाएं। एकल विद्यालय, छोटे विद्यालय, कम खर्च के विद्यालय चलाएं।
4- साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक भजन-कीर्तन, पूजन, यज्ञ गोष्ठियों के माध्यम से सभी समाज को एक साथ लाने का प्रण।
5- मठ-मंदिर एवं धार्मिक संस्थान अपनी संपत्ति का उपयोग सेवा कार्यों में करें।
6- अपने सभी संत-महात्मा के उत्सवों में सम्मिलित हों। संतों को जातियों में न बंटने दें।
7- समाज के उपासकों के लिए छोटे-छोटे मंदिरों, उपासना स्थलों का निर्माण कराएं।
8- संत महात्मा स्वयं में समरसता एवं समानता का भाव रखें।
9- हमारे कार्य की दिशा संतोदिक हो।

महंत आदित्यनाथ बनें यूपी के मुख्यमंत्री

hindu chief minister necessary in uttar preadesh to make ram temple

इलाहाबाद के कुंभ में संत समाज ने प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के नाम पर मुहर लगाई थी। हम संत समाज यूपी के मुख्यमंत्री के तौर पर महंत आदित्यनाथ के नाम पर मुहर लगाते हैं, क्योंकि अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला राम मंदिर के पक्ष में आता है तो केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार के साथ यूपी में बतौर मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ की सरकार जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी सपा और बसपा की सरकार होने पर राम मंदिर के निर्माण में अड़चन आएगी।
- महंत महामंडलेश्वर नारायण गिरि, दुग्धेश्वरनाथ मंदिर, गाजियाबाद

सशक्त हिंदू नेता को सीएम के रूप में पेश कर चुनाव लड़ें

अयोध्या में जब तक श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर नहीं बन जाता, तब तक हम चैन से नहीं रह सकते। कोर्ट का फैसला आने के बाद भी सपा-बसपा की सरकार में मंदिर बनना संभव नहीं। इसलिए 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में हमें एक सशक्त हिंदू नेता को मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत करना होगा, जिससे पूर्ण बहुमत की सरकार बने और अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हो। इसके लिए गोरक्षपीठाधीश्वर महंत आदित्यनाथ का नाम सर्वोपरि है।
- महंत सुरेश दास महाराज, महंत दिगंबर अखाड़ा

ऐसा मुख्यमंत्री हो, जो मंदिर के लिए सब कुछ दांव पर लगा दे

यद्यपि संत सभा का काम उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री घोषित करना नहीं है, तथापि इसमें कोई संदेह नहीं है कि श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए जो अपना सब कुछ दांव पर लगा दे, जो उसके लिए प्रतिबद्ध हो, संत सभा एवं उसके संत उसी के पीछे खड़े हैं और खड़े होंगे। मंदिर निर्माण के लिए संत दो-चार महीने अभियान चलाएं।
- स्वामी गोविंद देव गिरि, महामंडलेश्वर, भारत माता मंदिर

सत्ता ऐसी हो जो मंदिर का निर्माण करा सके

hindu chief minister necessary in uttar preadesh to make ram temple

संत सभा राजनीतिक मंच नही है, लेकिन हम सत्ता को निरंकुश नहीं होने दे सकते। आज के युग में सत्ता एक महत्वपूर्ण आयाम है। हम यह चाहेंगे ही कि सत्ता ऐसी हो जो श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण कराए। राजनीति में धर्म की प्रतिष्ठा के विषय पर संत सभा मूकदर्शक कैसे रह सकती है। संत-महात्मा भारत माता की सेवा, राष्ट्रीय एकता व अखंडता के लिए चलाए जाने वाले किसी भी जनजागरण अभियान के सहभागी होंगे ही।
- स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज, गीता मनीषी

एक हाथ में लोटा तो दूसरे में सोटा जरूरी

संत राष्ट्र जागरण का हिस्सा बनें। हिंदू समाज की रक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र दोनों परंपराओं के वाहक बनें। एक हाथ में लोटा तो दूसरे में सोटा। एक हाथ में खप्पर तो दूसरे में दंड धारण करें। हिंदू समाज को भी स्वस्थ रहने के लिए अपनी प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखनी होगी। समाज को संगठित करना होगा। हम इस बात को समझें कि धर्मांतरण राष्ट्रांतरण है। धर्मांतरण रोकने के साथ ही बिछड़े अपने बंधु-बांधवों की घर वापसी का मार्ग प्रशस्त करना होगा। हिंदू समाज जिस दिन एकता के सूत्र में बंध जाएगा उस दिन सत्ता समाज की दासी के रूप में कार्य करेगी। संत आदेश देंगे, सत्ता उसका पालन करती दिखाई देगी। संत गांव की ओर रुख करें। मठ-मंदिरों को सामाजिक गतिविधियों एवं सेवा का केंद्र बनाएं। गोरक्षपीठ ऐसे संतों के साथ सदैव खड़ी रही है और आगे भी हम साथ दिखेंगे। मुख्यमंत्री के तौर पर मेरे नाम की चर्चा संतों की व्यक्तिगत सोच है।
- महंत आदित्यनाथ, गोरक्षपीठाधीश्वर

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