फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   himalaya in picture after nepal earthquake

भूकंप के बाद सामने आई हिमालय की चौंकाने वाली बात

Sun, 10 May 2015 11:01 AM IST
नवीन सिंह खड़का / पर्यावरण संवाददाता, बीबीसी
नवीन सिंह खड़का / पर्यावरण संवाददाता, बीबीसी Updated Sun, 10 May 2015 11:01 AM IST
विज्ञापन
himalaya in picture after nepal earthquake

वैज्ञानिकों का कहना है कि नेपाल में आए भूकंप के बाद हिमालय के एक हिस्से की ऊंचाई एक मीटर तक कम हो गई है। हालांकि उनका ये भी कहना है कि भूगर्भीय टेक्टोनिक प्लेटों की गति के चलते यह ऊंचाई फिर से अपनी पूर्व स्थिति में जाएगी।

विज्ञापन


वैज्ञानिक अभी हिमालय के उस क्षेत्र की सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण करेंगे, जिस पर एवरेस्ट स्थित है। वैसे एवरेस्ट की वास्तविक ऊंचाई को लेकर लगातार बहस होती रही है।

विज्ञापन

लांगटांग हिमाल का क्षेत्र

himalaya in picture after nepal earthquake

संयुक्त राष्ट्र भूगर्भीय सर्वे (यूएसजीए) के शोधकर्ता रिचर्ड ब्रिग्स कहते हैं, "करीब 80-100 किलोमीटर के दायरे में जिस पट्टी पर मुख्यतः ऊंचाई कम हुई है, वह है लांगटांग हिमाल, जो काठमांडू के उत्तर-पश्चिम में स्थित है।"

लांगटांग श्रेणी वही क्षेत्र है जहां 25 अप्रैल को 7।8 तीव्रता के भूकंप के बाद आए भूस्खलनों और हिमस्खलनों के बाद बहुत से स्थानीय निवासी और ट्रैकर लापता हो गए थे और माना जा रहा है कि वे मर चुके हैं।

वैज्ञानिकों को लगता है कि हिमालय के अन्य पहाड़ों की ऊंचाई भी कम हो सकती है और इनमें लांगटांग श्रेणी के पश्चिम में स्थित गणेश हिमाल श्रेणी भी शामिल है।

अब तक जिन सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण किया गया है वह भूकंप से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र मध्य नेपाल की हैं। एवरेस्ट इस क्षेत्र के पूर्व में स्थित है।


वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनिया की इस सबसे ऊंची चोटी की ऊंचाई में कोई परिवर्तन हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि तो भविष्य में ज़मीनी सर्वे और जीपीएस अभियान के ज़रिए हो सकेगी।

जर्मन एयरोस्पेस सेंटर (डीएलआर) ने सेंटिनल-1ए सैटेलाइट के भेजे गए भूकंप के आंकड़ों को संशोधित किया है। इससे जुड़े भूवैज्ञानिक क्रिश्चियन मिनेट कहते हैं, "हमने जो आंकड़े देखे हैं वह प्लेट की सीमा से दूर के हैं, राजधानी काठमांडू के उत्तर की ओर, उनसे साफ़ पहचान होती है कि क्षेत्र 1।5 मीटर तक नीचे चला गया है।"

पहले और बाद की तस्वीरें

himalaya in picture after nepal earthquake

डीएलआर के पृथ्वी पर्यवेक्षण केंद्र के वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट की भेजी गई भूकंप के पहले और बाद की तस्वीरों की तुलना की। मिनेट कहते हैं, "सैटेलाइट तस्वीर से हमें पता चला कि भूकंप के बाद (लांगतांग क्षेत्र में स्थित पहाड़ और उसके आसपास का इलाका) क्षेत्र सैटेलाइट से और दूर हो गया है और यह अब नीचे हो गया है।"

"लेकिन इस परिणाम के आधार पर हम यह नहीं कह सकते कि कोई ख़ास पहाड़ अमुक मीटर नीचा हो गया है। हम सामान्यतः उस क्षेत्र के बारे में अनुमान लगा सकते हैं।"

वह कहते हैं कि तस्वीरों से पता चलता है कि पहाड़ी श्रृंखला 0।7 मीटर से 1।5 मीटर तक नीचे हो गई है। इस विश्लेषण से यह भी पता चला है कि काठमांडू सहित पहाड़ों के दक्षिण में स्थित इलाका भूकंप के बाद ऊपर उठ गया है।

मिनेट ने कहा, "भूकंप के पहले और बाद काठमांडू और आस-पास के कुछ क्षेत्रों की तस्वीरों के संकलने से हमें जो पता चलता है कि यह क्षेत्र अब सैटेलाइट के नजदीक हैं और इसका मतलब यह है कि वह कुछ ऊपर उठ गए हैं।" वैज्ञानिकों का कहना है कि इस स्तर के भूकंप में गिरावट और उठान एक सामान्य भूगर्भीय घटना है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed