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वीरभद्र ने आपदा राहत के लिए मांगे एक हजार करोड़
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jun 2013 08:45 PM IST
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कामों के लिए एक हजार करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की है।
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मुख्यमंत्री ने कहा है कि अभी तक सरकारी और निजी संपत्ति को 2,575 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है और आपदा की वजह से करीब 24 लोगों की जान गई है।
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यही नहीं दस हजार से ज्यादा मवेशी बह गए हैं और एक हजार से ज्यादा घर तबाह हो गए हैं। जबकि 2120 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है।
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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सौंपे ज्ञापन में बताया गया है कि राज्य सरकार ने त्वरित सहायता के रूप में 28 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।
525 जलापूर्ति योजनाएं, 280 सिंचाई योजनाएं, पांच मल निकासी और 30 बाढ़ सरंक्षण कार्यों को हुए नुकसान से 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
वहीं आपदा की वजह से 50 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि बर्बाद हो गई है और फसलों को 200 करोड़ का नुकसान हुआ है। जबकि 50 हजार से अधिक बागवानी भूमि को भी नुकसान पहुंचा है। यहां 400 करोड़ रुपये से अधिक की फल फसलें नष्ट हो गई हैं। सेब के बगीचों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
यही नहीं, विद्युत ढांचे को भी 500 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आपदा की वजह से प्रदेश के बाकी भागों से कटे दूरदराज के क्षेत्रों में अगले दो महीनों की जरूरतें पूरी करने के लिए जरूरी वस्तुएं हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंचाई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 22 को बहाल करने के लिए काम में तेजी लाने के लिए किन्नौर सीमा सड़क संगठन के एक वरिष्ठ इंजीनियर तैनात करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के माध्यम से रक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि वांगतु से कौरिक मार्ग के लिए लंबे समय की योजना बनाई जाए।
साथ ही इस रास्ते का वैकल्पिक मार्ग विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने समूचे इलाकों में सभी मौसमों में सड़क सुविधा सुनिश्चित बनाने के लिए व्यवहारिक मार्ग विकसित कराने की मांग की।
वहीं बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से शुक्रवार को मुलाकात कर प्रदेश के हालातों और प्रधानमंत्री से हुई मुलाकात के बारे में बताया। जबकि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया से भी मुलाकात की।