कड़वी दवा का पहला डोज, बढ़ा रेल किराया, 25 से लागू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र की नई सरकार ने 'अच्छे दिनों' की बानगी दिखा दी है। रेल किरायों में लगभग 14.2 फीसदी बढ़ोत्तरी की घोषणा की गई है। ये वृद्घि 24 जून की आधी रात से लागू होगी।
रेल किरायों में वृद्घि का प्रस्ताव यूपीए सरकार ने दिया था। मोदी सरकार ने उसी प्रस्ताव को लागू किया है। रेल किराया बढ़ने की आशंका पिछले कई दिनों से जताई जा रही थी। नरेंद्र मोदी ने भी कई बार कड़े फैसले लेने की बात की थी।
संभावना थी बढ़ोत्तरी रेल बजट में की जाएगी, लेकिन मोदी सरकार ने आज ही रेल किराये में वृद्घि की घोषणा कर दी।
यात्री और माल भाड़ा बढ़ा
मोदी सरकार ने यात्री और माल भाड़ा बढ़ाने का फैसला किया है। यात्री किराये में 14.2 फीसदी की वृद्घि की गई है, जिसमें 4.2 फीसदी 'फ्यूल एडजस्टमेंट कंपोनेंट' के रूप में बढ़ा है।
माल भाडे़ 6.5 फीसदी की वृद्घि हुई है, जिसमें 1.5 फीसदी फ्यूल एडजस्टमेंट कंपोनेंट के रूप में है।
16 मई को लोकसभा चुनावों के नतीजे के बाद किराया बढ़ाने की घोषणा की गई थी। लेकिन सरकार ने 4 घंटे बाद ही वापस ले लिया था।
दे दिए थे किराया बढ़ाने के संकेत
यूपीए के पिछले 10 सालों के शासन में यात्री भाड़ा में वृद्घि नहीं की गई थी। हालांकि उसी सरकार ने किराये में वृद्घि का फार्मूला बनाने के लिए रेल टैरिफ अथॉरिटी की घोषणा की थी।
अंतरिम बजट ने तत्काली रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने किराऐ में वृद्घि का प्रस्ताव भी दिया था। लेकिन उसे तत्काल लागू नहीं किया गया। 16 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद प्रस्ताव को लागू किया गया, हालांकि सरकार ने उसे चार ही घंटे बाद वापस ले लिया।
नई सरकार ने रेलवे की खस्ता हालत और आधुनिकीकरण के नाम पर किराये मे वृद्घि के संकेत दिए थे।