चीनी राष्ट्रपति को निशान-ए-पाक और निशाने पर भारत
पाकिस्तान ने मंगलवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘निशान-ए-पाकिस्तान’ से नवाजा। पाक राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने प्रेसिडेंट हाउस में आयोजित पुरस्कार समारोह में 61 वर्षीय जिनपिंग को सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार प्रदान किया।
इस अवसर पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, संघीय मंत्री, नेशनल एसेंबली एवं सीनेट के सदस्य और चीनी प्रतिनिधि मंडल के सदस्य हाजिर रहे।
पाक के साथ चीन के संबंधों को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए जिनपिंग को पाक का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिया गया है।
इससे पहले परंपरागत घोड़ागाड़ी से राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर जिनपिंग का जोरदार स्वागत किया गया। उन्होंने पाक राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इसके बाद ममनून हुसैन ने चीनी राष्ट्रपति के सम्मान में भोज का आयोजन किया।
जिनपिंग ने कहा, पाक में एशियाई टाइगर बनने की क्षमता
शी जिनपिंग की यात्रा के बाद पाकिस्तान और चीन के रिश्तों में आई गर्मजोशी को कूटनीतिविद भारत के लिए खतरे का संकेत मान रहे हैं। चीनी राष्ट्रपति की पाक यात्रा की तुलना अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा से भी की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान में एशियाई टाइगर बनने की पर्याप्त क्षमता है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि उस समय भी पाकिस्तान साथ था, जब दुनिया के मंच में चीन अकेला था। पाकिस्तान को चीन का भरोसेमंद दोस्त बताते हुए उन्होंने कहा कि वह पाक की क्षेत्रीय अखंडता का मजबूती से समर्थन करते हैं।
जिनपिंग बोले, पाकिस्तान शुरुआती दिनों से चीन के साथ
पाक संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों का आधार आपसी विश्वास और समर्थन है। उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान हमेशा एक साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ेंगे। साथ ही चीन के लोग हमेशा पाकिस्तानियों के साथ खड़े रहेंगे।
चीनी राष्ट्रपति ने कहा, ‘सभी सामरिक भागीदारी को लेकर चीन-पाकिस्तान के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति ममनून हुसैन, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और मैं संयुक्त रूप से सहमत हुए हैं।’
पाकिस्तान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ (चीनी जनवादी गणराज्य) की स्थापना के शुरुआती दिनों से पाक चीन के साथ खड़ा रहा है।