फर्जी डिग्री विवाद में फंसे उच्चतर सेवा आयोग सचिव
हाईकोर्ट ने उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के सचिव संजय सिंह के काम करने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा से सचिव की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज अपने हलफनामे के साथ प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
कानपुर विश्वविद्यालय द्वारा सचिव की एमए की डिग्री फर्जी होने के संबंध में हलफनामा दाखिल किया जा चुका है। अदालत ने संजय सिंह को इसका जवाब देने का अवसर दिया है। याचिका पर आठ अक्तूबर को सुनवाई होगी तब तक संजय सिंह सचिव के पद का काम नहीं कर सकेंगे।
सचिव की नियुक्ति को धीरेंद्र सिंह और अन्य लोगों ने याचिका दाखिल कर चुनौती दी है। न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र की खंडपीठ इस पर सुनवाई कर रही है।
अंक पत्र में ओवरराइटिंग कर नंबर बढ़ाए
कानपुर विश्वविद्यालय द्वारा संजय सिंह की एमए की मार्कशीट के संबंध में दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। बताया गया कि अंक पत्र में ओवरराइटिंग कर नंबर बढ़ाया गया है।
सचिव का कहना था कि अंकपत्र विश्वविद्यालय द्वारा ही जारी किया गया है। उन्होंने बैक पेपर दिया था जिसमें अंक बढ़ने पर मार्कशीट बाद में विश्वविद्यालय ने संशोधित की है। अदालत ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा से पिछली सुनवाई 28 सितंबर को हलफनामा दाखिल करने को कहा था।
सरकारी वकील ने बताया कि प्रमुख सचिव का तबादला हो जाने के कारण जवाब तैयार नहीं हो सका है। नए प्रमुख सचिव ने कार्यभार संभाल लिया है और समय दिए जाने की मांग पर कोर्ट ने सचिव संजय सिंह के काम करने पर रोक लगाते आठ अक्तूबर को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।