जब हाईकोर्ट ने पूछा, 'आखिर गोवंश-हत्या पर ही प्रतिबंध क्यों?'
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बांबे हाईकोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार से पूछा है कि आखिर गोवंश (गाय, बैल और सांड़) हत्या और उसका मांस बाहर से मंगाने पर ही प्रतिबंध क्यों लगाया गया है।
अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि राज्य के पशु संरक्षण कानूनों के तहत अन्य पशुओं को क्यों नहीं शामिल किया गया।
अदालत ने एक याचिका के जवाब में राज्य सरकार से हलफनामा देने को कहा है, इस पर अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।
'अन्य पशुओं को शामिल क्यों नहीं किया?'
न्यायमूर्ति वीके कनाडे और एआर जोशी की खंडपीठ के समक्ष हाल ही में लागू महाराष्ट्र पशु संरक्षण संशोधन अधिनियम के खंड-5 को चुनौती दी गई है।
इसमें गोवंश के मांस को बाहर से मंगाने और रखने पर प्रतिबंध लगाया गया है। याचिका में कहा गया है कि यदि यह मांस महाराष्ट्र के बाहर से आता है तो इसकी अनुमति दी जानी चाहिए।
तर्क दिया गया है कि एक राज्य दूसरे राज्यों में गोवंश हत्या पर प्रतिबंध कैसे लगा सकता है। इस पर पीठ ने राज्य सरकार से कहा है कि केवल गोवंश हत्या पर ही प्रतिबंध क्यों, अन्य जानवरों पर क्यों नहीं, राज्य सरकार इसका कारण बताए।