बुजुर्ग महिला से रेप पर कोर्ट ने सुनाया ये कैसा फैसला?
दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में चौंकाने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी को इस आधार पर बरी कर दिया क्योंकि मृतक महिला की उम्र 60 साल से ज्यादा थी और इस उम्र में महिला पूरी तरह रजोनिवृत्त हो जाती है।
जानकारी के मुताबिक अच्छेलाल (49) नामक व्यक्ति पर एक महिला से दुष्कर्म और उसके बाद हत्या का आरोप था। निचली अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
सोमवार को केस की सुनवाई करते हुए जस्टिस प्रदीप नंद्राजोग और मुक्ता गुप्ता की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि महिला की उम्र 60 साल से अधिक थी और यह उम्र पूरी तरह रजोनिवृत्ति की है। इस उम्र में पीरियडस नहीं होते हैं इसलिए महिला को दुष्कर्म पीड़िता नहीं माना जा सकता।
कोर्ट ने कहा कि धारा 376 के मुताबिक किसी महिला के साथ जबरन शारीरिक संबंध अपराध है, लेकिन इस मामले में महिला की उम्र 65 से 70 के बीच है। इसका मतलब वह रजोनिवृत्त हो चुकी थी। ऐसे में बनाया गया संबंध आक्रामक हो सकता है, पर इसे जबरन बनाया गया संबंध नहीं कहा जा सकता।
फैसले पर खड़ा हुआ विवाद
कोर्ट ने इसी महिला की हत्या के मामले पर कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से यह साबित हो गया है कि महिला ने काफी मात्रा में शराब का सेवन किया था।
अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि अगर अच्छेलाल दुष्कर्म के अपराध का दोषी है, तो उसे हत्या का आरोपी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि उसका ऐसा कोई इरादा नहीं था और ना ही उसे यह जानकारी थी कि इस तरह के संबंध से महिला की मौत हो सकती है, इसलिए आरोपी हत्या का दोषी नहीं है।
हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले पर विवाद भी खड़ा हो गया है। वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि आखिर किस आधार पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया कि यह दुष्कर्म का मामला नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि दुष्कर्म के मामले से रजोनिवृत्ति का क्या संबंध है।