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'7 दिसंबर तक निकालें अध्यापक भर्ती का विज्ञापन'
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Wed, 07 Nov 2012 02:04 PM IST
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उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में टीईटी उत्तीर्ण 72,825 सहायक अध्यापकों की भर्ती का विज्ञापन जारी करने की हाईकोर्ट ने सात दिसंबर की समय सीमा तय कर दी है। न्यायालय ने प्रदेश सरकार को छूट दी है कि इस दौरान यदि वह बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली में संशोधन करना चाहते हैं तो कर सकते हैं।
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न्यायालय ने प्रदेश सरकार द्वारा नित नए बहाने बनाकर विज्ञापन जारी करने में विलंब करने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शिक्षा के मौलिक अधिकार कानून का पालन करने के लिए आवश्यक है कि विद्यालयों में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति बिना देरी किए की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी अखिलेश त्रिपाठी और दर्जनों अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया।
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प्रदेश सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सीबी यादव ने कोर्ट को अवगत कराया कि केंद्र सरकार ने सहायक अध्यापकों के चयन व नियुक्ति के लिए तय समय सीमा 2014 तक बढ़ा दी है। अब सरकार बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली 1981 में और संशोधन करना चाहती है ताकि छह माह का प्रशिक्षण देने के बजाए सीधे नियुक्ति की जा सके।
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न्यायालय ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने के लिए आवश्यक है कि योग्य शिक्षकों की भर्ती की जाए। न्यायालय ने बेसिक शिक्षा सचिव को निर्देश दिया है कि वह यदि कोई संशोधन करना चाहते हैं तो उसे करके सात दिसंबर तक विज्ञापन जारी कर दें।
उल्लेखनीय है कि सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए मायावती सरकार ने दिसंबर 2011 को विज्ञापन जारी किया था, जिसे इस आधार पर चुनौती दी गई कि विज्ञापन बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा जारी किया जबकि इसे बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा जारी किया जाना चाहिए था। न्यायालय ने इस नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। बाद में सपा सरकार ने पूर्व का विज्ञापन रद करते हुए शीघ्र नया विज्ञापन जारी करने की घोषणा की है।