जब माननीयों के गनर ने ट्रेन में उड़ाई जज साहब की नींद
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हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने माननीयों की शिकायत एडीजी जीआरपी से शिकायत की है। जिसमें आरोप लगाया किया है कि लखनऊ मेल में मंत्री, विधायक और सांसद, पूर्व सांसद सफर कर थे।
उनके गनर और अटेंडेंट ने ट्रेन में शराब पीकर हंगामा किया। जिससे वे पूरी रात सो नहीं पाए। शिकायत करने पर माननीयों ने अपने गनर आदि को समझाने की जरूरत नहीं समझी।
लखनऊ मेल में 18/19 जून को हाईकोर्ट के न्यायाधीश दिल्ली से लखनऊ जा रहे थे। सेकेंड एसी कोच में रिजर्वेशन था। उसी कोच में दिल्ली से ही उत्तर प्रदेश सरकार के एक मंत्री, दर्जा राज्यमंत्री, विधायक, सांसद और पूर्व सांसद सहित सात माननीय भी सफर कर रहे थे।
सात माननीय कर रहे थे ट्रेन में सफर
बीस जून को हाईकोर्ट के न्यायधीश ने एडीजी जीआरपी से शिकायत की। जिसमें कहा गया कि उनके सामने वाली सीट पर प्रदेश के राज्यमंत्री बैठे हुए थे। उनके साथ गनर और एक अटेंडेंट भी था। ट्रेन में अन्य माननीय भी अपने गनर और अटेंडेंट के साथ सफर कर रहे थे।
माननीयों के रिजर्वेशन कंफर्म थे, लेकिन उनके साथ चल रहे लोगों ने भी उसी आरक्षित कोच के कारीडोर में कब्जा कर लिया। इन सभी ने रात में शराब पीकर हंगामा किया और आपस में उलझ गए। जिसके चलते व सो नहीं पाए और दूसरे यात्री भी परेशान रहे। उन्होंने माननीयों से उन्हें समझाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान ही नहीं दिया। उनकी इस हरकत से यात्रियों के अधिकारों का हनन हुआ है। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
एडीजी जीआरपी ने मामले की जांच सीओ जीआरपी लखनऊ को सौंपी। इसके साथ ही जांच आरपीएफ मुरादाबाद को भी दी गई। प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि उस दिन कोच में सात माननीय सफर कर रहे थे और उनके साथ करीब एक दर्जन लोग और भी थे।