शिक्षक भर्ती: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29334 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए चल रही काउंसलिंग में शामिल होने पर व्यवसायिक शिक्षा की डिग्री वाले अभ्यर्थियों के चयन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
कहा है कि इन अभ्यर्थियों की काउंसलिंग जारी रखी जाए मगर चयन को अंतिम रूप अभी न दिया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने सत्येंद्र कुमार सिंह और चार अन्य की याचिका पर दिया है।
याचीगण का कहना था कि सहायक अध्यापकों की भर्ती में तमाम ऐसे अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है जो जारी विज्ञापन और एनसीटीई की गाइड लाइन के अनुसार अर्हता नहीं रखते हैं। इनके पास बीटेक, बीसीए, बीबीए, बीएचएस जैसी व्यवसायिक डिग्रियां हैं।
अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेज देने का आदेश
बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा दाखिल जवाब में कहा गया कि निदेशक एससीआरटी, निदेशक बेसिक शिक्षा परिषद और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा इस मामले में विचार के उपरांत पाया गया कि निर्धारित योग्यता एनसीटीई द्वारा जारी अधिसूचना के अनुरूप नहीं है।
इस मामले में एक ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कमेटी बनाई गई है। कोर्ट ने फिलहाल व्यवसायिक डिग्री धारकों के चयन को अंतिम रूप देने पर रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट ने 72825 प्रशिक्षु शिक्षक की भर्ती में शामिल होने के इच्छुक याचीगण को उनका मूल दस्तावेज देने का निर्देश दिया है। इन सभी के मूल दस्तावेज उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक की काउंसलिंग में शामिल होने के कारण जमा करा लिए गए हैं। अब इनको प्राथमिक विद्यालयों की काउंसलिंग में भी शामिल होना है।
मयंक यादव और छह अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने यह आदेश दिया है।