हैलो! मैं लश्कर-ए-तैय्यबा का आदमी बोल रहा हूं....
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हेलो! मैं लश्कर-ए-तैय्यबा का आदमी बोल रहा हूं।.... शनिवार रात करीब आठ बजे पुलिस कंट्रोल रूम में गई इस फोन कॉल ने पुलिस अधिकारियों से लेकर खुफिया एजेंसियों तक के होश उड़ा दिए। अधिकारियों का आदेश मिलते ही एसओजी टीम सक्रिय हो गई। टीम ने मोबाइल नंबरों के सहारे रविवार सुबह फोन करने वाले मदरसे के करीब 20 वर्षीय छात्र को हिरासत में ले लिया।
अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए युवक से पूछताछ की जा रही है। वहीं पुलिस ने बताया कि जिस नंबर से कॉल की गई है वह जांच में फर्जी आईडी पर पाया गया है। पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर पर शनिवार रात करीब आठ बजे एक फोन कॉल गई थी, जिसमें फोन करने वाले ने स्वयं को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा से जुड़ा होना बताते हुए कुछ नारे भी लगाए।
इसका पता लगते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तत्काल एसओजी टीम और खुफिया एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया। रातभर टीमें उसकी तलाश में लगी रहीं।
छात्र के मोबाइल से मिले नंबरों की जांच पड़ताल की जा रही
इस दौरान एसओजी टीम ने एक मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। जहां से फोन करने वाले के बारे में जानकारी मिली। रविवार की सुबह टीम ने देवबंद क्षेत्र से मदरसा के एक छात्र को गिरफ्त में ले लिया। खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने युवक से लंबी पूछताछ की। इस संबंध में एसओजी प्रभारी संजय पांडे ने बताया कि छात्र ने अपना नाम असद नोमान बताया है। वह पश्चिम बंगाल का रहने वाला है।
पूछताछ में उसने बताया कि वह मुरादाबाद के एक मदरसे में पढ़ता था और देवबंद के मदरसे में दाखिला लेने आया था। यहां किसी भी मदरसे में उसका दाखिला नहीं हुआ। पुलिस के अनुसार उसने अपने आप को लश्कर-ए-ताइबा कमांडर हाफिज सईद से प्रभावित होना बताया है। संजय पांडे का कहना है कि छात्र के मोबाइल से मिले नंबरों की जांच पड़ताल की जा रही है। टीम उसे सहारनपुर ले गई। जिस नंबर से कॉल की गई है वह जांच में फर्जी आईडी पर पाया गया है।