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नेपालः भूकंप में अब तक 3725 ने गंवाई जान

Mon, 27 Apr 2015 03:56 PM IST
Updated Mon, 27 Apr 2015 03:56 PM IST
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heavy rain started in nepal after earthquke

शनिवार को तबाही मचाने के बाद भूकंप के तगड़े झटकों ने रविवार को भी नेपाल और भारत को हिलाकर रख दिया। शनिवार को भूकंप ने जो कहर बरपाया था उसकी दहशत से रविवार को झटके लगते ही लोग घरों से बाहर की ओर दौड़ पड़े। शनिवार को नेपाल में आए इस जलजले से मरने वालों की तादाद 3725 से ऊपर पहुंच गई है।

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मरने वालों में पांच भारतीय हैं। छह हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। काठमांडू तबाह हो चुका है। सैकड़ों लोग अब भी मलबे में दबे हैं। भारतीय सेना ने बड़े पैमाने पर राहत के लिए ऑपरेशन मैत्री शुरू किया है लेकिन बारिश, बर्फबारी और लगातार आ रहे झटकों की वजह से मलबे में दबे लोगों को निकालने में भारी मुश्किलें आ रही हैं।
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बचाव में अड़चनों के चलते मरने वालों की संख्या 10,000 के पार पहुंचने का अंदेशा जताया गया है। उधर, माउंट एवरेस्ट पर हुए जबरदस्त हिमस्खलन से बेस कैंप तबाह हो गया और इसमें 22 पर्वतारोहियों की जान चली गई जबकि 217 अन्य लापता हैं।
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भारत में भी खौफ का आलम है और रविवार को बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और राजधानी दिल्ली आए झटकों की वजह से सरकार किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए कमर कसे बैठी है। केंद्र समेत हर जगह आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है।

भूकंप के ताजा झटकों से दहला नेपाल

heavy rain started in nepal after earthquke

देश में ताजा पांच मौतों के साथ भूकंप से मरने वालों की तादाद 64 हो गई है। शनिवार के भारी भूकंप के बाद नेपाल में हर तरफ तबाही और दर्द का मंजर है। अकेले काठमांडू घाटी में ही 1,053 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार आ रहे झटकों के खौफ से लोग सर्द रातें बाहर खुले में बिताने को मजबूर हैं।

भारत समेत दुनिया के कई दल राहत और बचाव के लिए पहुंच चुके हैं लेकिन लगातार मौसम और झटकों की वजह से अभियान रफ्तार नहीं पकड़ सका है। भारत से राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) के प्रमुख ओपी सिंह काठमांडू पहुंच चुके हैं लेकिन भारतीय दल को भी राहत और बचाव में मुश्किलें आ रही हैं।

फिर भी राहत कर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने में लगे हैं। कहीं उनके पास उपकरण हैं तो कहीं वे हाथों से ही मलबा खोदने में लगे हैं। हालांकि तूफान, झटकों और बर्फबारी उनके इरादों पर भारी पड़ रही है। स्थानीय लोग और पर्यटक भी बचाव राहत में हाथ बंटा रहे हैं।

जैसे ही मलबे से किसी को निकाला जाता है, चारों ओर खुशी की लहर दौड़ जाती है। माउंट एवरेस्ट में भूकंप की वजह से और हिमस्खलन हुआ है और इनमें मरने वालों की तादाद बढ़ कर 22 पर पहुंच गई है।

हर तरफ तबाही का मंजर, मलबों में दबे हैं अब भी सैकड़ों

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नेपाल में भारत ने रविवार को सुबह राहत और बचाव का काम शुरू किया था लेकिन ताजा झटकों की वजह से इसे शाम चार बजे तक तक के लिए रोक दिया गया था। रिक्टर स्केल पर रविवार को एक के बाद एक 6.7 और 6.5 तीव्रता के दो झटकों ने नेपाल में कोहराम मचा दिया।

नेपाल में तबाही से निपटने की जद्दोजहद के बीच हर तरफ जमींदोज इमारतों, घरों और दफ्तरों में फंसे लोगों की छटपटाहट और खराब मौसम की बाधाओं ने दर्द और मायूसी का माहौल बना दिया है। प्रसिद्ध धरहरा टावर और दरबार स्कवायर की धंसी इमारतों के बीच अब भी सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका है।

बिजली के खंभे उखड़ गए हैं और पिछले 28 घंटों से राजधानी में घुप्प अंधेरा है। देश के 26 जिले भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सामान्य हालत होने में अभी वक्त लगेगा। रविवार के झटकों में त्रिशूलि पनबिजली परियोजना की एक सुरंग धंस गई और वहां काम कर रहे 60 श्रमिक इसमें फंस गए।

भूकंप में घायल हुए लोगों की तादाद इतनी बढ़ गई है कि अस्पतालों में अब जगह नहीं बची है। लोग जहां-तहां जमीन पर पड़े हैं। अस्पतालों के बाहर खुले मैदान में हजारों लोगों का इलाज चल रहा है। भारत की ओर से घायलों के इलाज में काफी मदद मिल रही है।

भारत से नेपाल तक फिर थर्राई धरती

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भारतीय वायुसेना के विमानों ने रविवार को तमाम अड़चनों के बावजूद 43 टन राहत सामग्री उतारी है। वायुसेना ने लगभग 200 लोगों को सुरक्षित निकाला है। राहत कार्य और पर्यटन के लिए पहुंचे सैकड़ों भारतीयों के सामने खाने-पीने और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं पैदा हो रही हैं।

नेपाल और भारत शनिवार को आए भारी भूकंप के झटकों से अभी संभला भी नहीं था कि रविवार को भी दोनों देशों में धरती बुरी तरह हिल उठी। नेपाल में शनिवार को 7.9 की तीव्रता वाले भूंकप ने तबाही मचाने के बाद रविवार को भी पहले 6.7 और उसके बाद 6.5 की तीव्रता के साथ धावा बोला।

भारत में बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और राजधानी दिल्ली में रविवार को दोपहर 12.42 बजे के तेज झटकों ने लोगों को दहला दिया। रविवार के भूकंप में राजस्थान में एक समेत कुल पांच मौतों की खबर है। सरकार ने भूकंप में मरने वालों के परिजनों को छह लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है।

मैदान में डटे लोग, घर वापसी को तैयार नहीं

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नेपाल में लगातार आ रहे भूकंप के झटकों की वजह से लोग घरों के अंदर नहीं जा रहे हैं और बाहर खुले मैदान में डटे हैं। बारिश, बर्फबारी और सर्द मौसम ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हजारों लोगों को खुले में प्रार्थना करते हुए देखा जा रहा है। दहशत इतनी है कि झटके लगते ही लोग खुले में इधर से उधर बदहवास दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। घुप्प अंधेरा है और राहत कार्य में अड़चनों की वजह से उन्हें खाना-पानी और कंबल नहीं मिल पा रहा है।

मलबे से लोगों की निकालना बड़ी चुनौती
नेपाल में तबाही से निपटने की जद्दोजहद के बीच हर तरफ जमींदोज इमारतों, घरों और दफ्तरों में फंसे लोगों की छटपटाहट और खराब मौसम की बाधाओं ने दर्द और मायूसी का माहौल बना दिया है। सबसे ज्यादा दिक्कत लोगों को मलबे से निकालने में हो रही है। मलबों को हटाने के पर्याप्त उपकरण नहीं है। ऊपर से खराब मौसम ने यह चुनौती और बढ़ा दी है। फिर भी स्थानीय लोग और पर्यटक मिल कर किसी तरह लोगों को निकालने में लगे हैं।

भारी बारिश की चेतावनी
कुदरत नेपाल की परेशानियां बढ़ाता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने वहां सोमवार भारी बारिश और तूफान की आशंका जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक नेपाल की पूर्वी इलाके में भारी बारिश और तूफान आ सकता है। लोगों को ऐसी जगहों में जाने से बचने को कहा गया है जहां भूस्खलन हो सकता है। भारत के पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश की आशंका जताई गई है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी तूफान आ सकता है।

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