मुश्किलों की बारिश से सहमा उत्तर भारत, 35 की मौत
पिछले तीन दिनों से जारी भारी बारिश ने राजधानी दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब-हरियाणा, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर समेत पूरे उत्तर भारत का जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है।
बारिश से जुड़े हादसों में 35 लोगों की मौत हो गई है। अकेले यूपी में ही 24 लोग मारे गए हैं। कई नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। तेज बरसात के कारण गंगा नदी भी उफान पर आ गई है।
मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और यूपी के कुछ हिस्सों में अगले पांच दिन तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जाहिर की है। हालांकि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 14 जुलाई से बारिश थोड़ी घटेगी।
दिल्ली भी बेहाल
दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर पश्चिम भारत में बारिश रविवार को भी जारी रही। सुबह आठ बजे चौबीस घंटे में 100 मिमी से अधिक बारिश यूपी के बरेली, दिल्ली के मंगेशपुर व नजफगढ़ में दर्ज की गई।
निरंतर चल रही बारिश के कारण अधिकतम तापमान में भारी गिरावट देखी गई। रविवार दिन में एनसीआर में सबसे अधिक 39 मिमी बारिश गाजियाबाद में हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, चार दिन से दिल्ली एनसीआर में हो रही बारिश का दौर थम सकता है। सोमवार से बारिश में कमी आ सकती है।
हालांकि, तीन से चार दिन बाद दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर पश्चिम भारत के मैदानों में झमाझम बारिश लौट सकती है। हरियाणा में भी भारी बारिश का दौर जारी है। रविवार को सोनीपत में भारी बारिश से जुड़े हादसों में छह लोगों को मौत हो गई। जबकि हिसार और और पानीपत से एक-एक शख्स की मौत की खबर है।
सहमें पहाड़
उत्तर प्रदेश में बारिश से जुड़े हादसों में पिछले चौबीस घंटों के दौरान 24 लोगों की मौत हो गई। ताजा खबरों के मुताबिक हरदोई में पांच, सीतापुर में चार, मुरादाबाद में चार, बरेली में तीन, लखनऊ में तीन बिजनौर में दो और सुल्तानपुर, बदायूं और गाजियाबाद में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। बुलंदशहर में कई मकान गिर गए और कई लोग घायल हो गए। पूरे जिले में बिजली गुल हो गई।
उत्तराखंड में रविवार को केदारघाटी में तड़के से होती तेज बारिश से सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए पैदल यात्रा तीन घंटे देर बाद शुरू हो पाई। सोनप्रयाग से 320 यात्रियों को केदारनाथ के लिए रवाना किया गया। देहरादून में कुआंवाला स्थित रेस्तरां का निमार्णाधीन भवन ढह जाने से मलबे में दबकर एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर घायल हो गए।
हिमाचल के शिमला में मूसलाधार बारिश से शनिवार रात भावानगर के पानवी नाले में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया। ब्यास, रावी और सतलुज का जलस्तर भी खतरे के निशान के पास पहुंच गया है।
अमरनाथ यात्रा पर भी खराब मौसम की मार पड़ी है। शनिवार रात से ही जोरदार बारिश होने के कारण बालटाल और पहलगाम मार्ग में फिसलन बढ़ गई। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तड़के श्रद्धालुओं को दोनों आधार शिविरों से रवाना नहीं होने दिया गया। पहाड़ी से पत्थर गिरने के चलते वैष्णो देवी का नया ट्रैक बंद कर दिया गया।
भूस्खलन के चलते 300 किलोमीटर लंबा जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे फिर बंद हो गया। श्री अमरनाथ गुफा के बेस कैंप पहलगाम में रविवार को बादल फटने से एक ही परिवार के दो लड़कों की मौत हो गई।
कई राज्यों में पांच दिन तक जारी रहेगी बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और यूपी के कुछ हिस्सों में अगले पांच दिन तक भारी बारिश जारी रहेगी।
जबकि 14 जुलाई से पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली में बारिश थोड़ी घटेगी। अधिकतम तापमान अगले पूरे सप्ताह सामान्य से नीचे बना रहेगा।
एनसीआर में 14 से भारी बारिश बेशक 16 जुलाई तक नहीं होगी लेकिन कहीं कम तो कहीं ज्यादा बारिश होती रहेगी। एनसीआर में अधिकतम तापमान अगले पांच दिन 30 डिग्री के आसपास ही दर्ज होगा।