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राजा भैया की जमानत पर सुनवाई टली
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 02 Nov 2013 01:26 AM IST
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उत्तर प्रदेश के जेल मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को टाल दिया है।
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सर्वोच्च अदालत ने कहा कि इस मामले में तत्काल सुनवाई की जरूरत नहीं है, इसलिए अदालत इसे इस माह के मध्य में सुनेगी।
यह याचिका राजा भैया व उनके भाई अक्षय प्रताप सिंह को जमानत देने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ है, जिस पर सर्वोच्च अदालत ने अक्टूबर, 2011 में नोटिस जारी किया था।
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जस्टिस पी. सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने मनोज कुमार शुक्ला की याचिका पर कहा कि जमानत रद्द करने के मसले पर तत्काल सुनवाई की जरूरत नहीं है। अदालत इस पर 15 नवंबर को सुनवाई करेगी।
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याचिका के मुताबिक राजा भैया पर हत्या, हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में 47 मामले दर्ज हैं। जबकि अक्षय प्रताप के खिलाफ 38 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों भाई प्रदेश में राजनीतिक प्रभाव रखते हैं और जमानत मिलने पर गवाहों को डराते-धमकाते हैं। इसके बावजूद इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी।
याचिकाकर्ता के मुताबिक वह 22 दिसंबर, 2010 को निर्धारित ब्लॉक प्रमुख चुनाव से तीन दिन पहले अपने समर्थकों के साथ रात के खाने के लिए कुंडा क्षेत्र में एक ढाबे पर जा रहा था। रास्ते में राजा भैया समर्थित ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी के पति और उसके साथी ने उनके साथ गालीगलौज की।
इसके बाद अपने साथियों के साथ आकर याचिकाकर्ता और उनके समर्थकों पर खुलेआम फायरिंग शुरू कर दी। याचिकाकर्ता और उनके समर्थक जान बचाकर कुंडा कोतवाली थाने की ओर भागे, जहां राजा भैया और उनके भाई दल-बल सहित मौजूद थे। यही वजह है कि उनकी ओर से हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।