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दुर्गा को ‘शक्ति’ लौटाने पर सुनवाई शुक्रवार को
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Mon, 12 Aug 2013 08:48 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि निलंबित आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल के मामले पर अदालत शुक्रवार को सुनवाई करेगी। इस मसले पर एक अधिवक्ता के अलावा यूथ फॉर इक्वेलिटी एनजीओ ने भी सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
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चीफ जस्टिस पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष अधिवक्ता एमएल शर्मा ने कहा कि अदालत ने इस मामले की सुनवाई सोमवार को किए जाने पर सहमति जताई थी। लेकिन सूची में यह मुद्दा सुनवाई के लिए नहीं लगा है।
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इस पर पीठ ने कहा कि नागपाल के निलंबन का आदेश कल नहीं जारी किया जाना है। हम इस मामले को अच्छी तरह जानते हैं, अदालत इस पर शुक्रवार को सुनवाई करेगी।
अधिवक्ता के आग्रह पर पीठ ने इस मसले पर सोमवार को विचार करने को कहा था। हालांकि याचिका के सूचीबद्ध न होने की वजह से अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई तय की है।
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वहीं एनजीओ की ओर से दायर आवेदन में शीर्षस्थ अदालत से कहा है कि देश के नौकरशाहों को राजनीतिक उत्पीड़न से संरक्षित किया जाना चाहिए।
एनजीओ ने कहा है कि अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन व अपील) नियम-3 गैरकानूनी और समानता के अधिकार (अनुच्छेद-14) का उल्लंघन है।
आवेदन में कहा गया है कि अखिल भारतीय सेवा से जुड़े आईएएस अधिकारियों को जब राज्यों में नियुक्त किया जाता है तो केंद्र सरकार उनके हितों का संरक्षण पक्षपाती रवैये के खिलाफ नहीं करती है। बिना किसी उचित कारणों के तमाम अधिकारियों को राज्य सरकारें निलंबित करती हैं।
नियम-3 को चुनौती देते हुए एनजीओ ने इसे असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है ताकि राज्य सरकारों को आईएएस अधिकारियों के खिलाफ कोई भी अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन करने का अधिकार नहीं रहे। साथ ही आवेदन में नागपाल के निलंबन पर रोक लगाए जाने की मांग की गई है।