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दिल्ली गैंगरेपः अनशन पर बैठे गंगवार की तबीयत बिगड़ी

Mon, 07 Jan 2013 08:56 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Mon, 07 Jan 2013 08:56 AM IST
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health of rajesh gangwar deteriorated sitting on hunger strike in delhi gangrape case

हाड़ कंपाने वाली सर्दी में जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे राजेश गंगवार की तबीयत रविवार को बिगड़ गई। उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत स्थिर बनी हुई

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है। वहीं एक अन्य अनशनकारी बाबू सिंह की हालत भी ठीक नहीं है, इसके बावजूद वह अनशन छोड़ने को तैयार नहीं हैं। वसंत विहार गैंगरेप मामले के बाद दुष्कर्मियों के खिलाफ सख्त कानून बनाए जाने की मांग को लेकर दोनों अनशन पर बैठे थे।
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पिछले 14 दिनों से कुछ भी न खाने की वजह से राजेश की तबीयत खराब गई। अनशनकारियों की देखरेख कर रहे डॉक्टर प्रशांत ने बताया कि रविवार को 3:30 बजे उनकी हालत काफी बिगड़ गई।
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स्वास्थ्य जांच में पाया गया कि उनमें खून की लेयर कम हो गई है। ब्रेन डैमेज होने का भी खतरा बढ़ गया था। जांच में यूरिक एसिड का भी प्रतिशत बढ़ा हुआ था और डिहाइड्रेशन का खतरा था। लिहाजा उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।

ग्लूकोज की डोज देने के बाद उनकी हालत स्थिर है। उन्होंने बताया कि बाबू सिंह भी काफी कमजोर हो गए हैं। उन्हें बैठने में भी परेशानी हो रही है। डाक्टर प्रशांत ने बताया कि जंतर-मंतर पर सरकार की ओर से कोई डॉक्टर मौजूद नहीं है और न ही कोई एंबुलेंस है।

एक डॉक्टर होने के नाते वह उनका जांच कर रहे हैं। अगर अनशनकारी  भूख हड़ताल जारी रखेंगे तो उनकी जिंदगी को खतरा है। अनशनकारियों के शरीर में ऊर्जा नहीं बची है।

मालूम हो कि दुष्कर्मियों के खिलाफ सख्त कानून बनाए जाने की मांग को लेकर गंगवार भूख हड़ताल पर थे। वे उत्तर प्रदेश राज्य स्थित बरेली के निवासी है और बाबू सिंह फर्रूखाबाद के। वह पिछले 9 दिनों से अनशन पर हैं।


पिछले दिनों बातचीत में पेशे से किसान राजेश गंगवार ने बताया था कि वे अपनी पत्नी और बच्चों से बहाना बनाकर दिल्ली पहुंचे हैं। वहीं बाबू सिंह का कहना है कि वे पत्नी और बेटे के साथ आंदोलन देखने फर्रूखाबाद से दिल्ली पहुंचे।

देश की बेटियों को न्याय दिलाने की मांग के लिए पत्नी और बेटे को रिश्तेदार के यहां छोड़कर जंतर-मंतर पर डेरा जमा दिया है।

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