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महिलाओं पर टिप्पणी करके फंसे हर्षवर्धन

Sat, 30 Aug 2014 02:37 AM IST
Updated Sat, 30 Aug 2014 02:37 AM IST
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health minister harshvardhan controversial statement on female body.

हेल्थ मिनिस्टर डॉ हर्षवर्धन एक बार फिर अपने बयान से विवादों में फंस गए हैं। उनके महिला के शरीर को मंदिर बताए जाने संबंधी बयान पर सोशल मीडिया में तूफान खड़ा हो गया।

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हर्षवर्धन राजधानी के एक महिला कॉलेज की 50वीं सालगिरह के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने शहरी युवा महिलाओं में बीमारियों के बढ़ते मामलों के संदर्भ में यह बात कह डाली।
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उन्होंने कहा, 'महिला का शरीर मंदिर है, जो देश के भविष्य के नजरिए से बेहद अहम है।

स्वस्थ महिला की नई पीढ़ी तैयार करने का बेहतर असर फैमिली, सोसायटी और देश पर पड़ेगा, क्योंकि हर महिला अपने प्रोफेशन के अलावा कई और भूमिकाओं में होती है। मसलन, मां, बच्चों की टीचर आदि।'

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सोशल मीड‌िया में मचा बवाल

health minister harshvardhan controversial statement on female body.

मंत्रीजी के इस बयान से गुरुवार को ट्विटर पर बवाल मच गया। ट्विटर यूजर्स ने इस तरह की भाषा बोलने पर हर्षवर्धन की जमकर आलोचना की और मजाक भी उड़ाया।

हर्षवर्धन का यह भी कहना था कि युवा महिलाओं में स्मोकिंग, ड्रिंकिंग और ड्रग्स लेने का ट्रेंड बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, 'हम मॉडर्न लाइफस्टाइल से पैदा हो रही चुनौतियों से चिंतित हैं।

एक तरफ जहां काम का काफी दबाव होता है, वहीं दूसरी तरह खाने-पीने और सोने की आदतें बदल रही हैं। सरकार को चाहिए कि वह इन खराब आदतों से निपटने के लिए सामाजिक, धार्मिक और परोपकारी संगठनों को मदद करे।'

उन्होंने ज्यादा एक्सरसाइज और डायटिंग के जरिये दुबला होने की कोशिशों पर भी चेतावनी दी। पिछले कुछ समय से हर्षवर्धन अपनी टिप्पणियों और बयानों के कारण निशाने पर रहे हैं।

पहले भी व‌‌िवादों में रहे हैं हर्षवर्धन

health minister harshvardhan controversial statement on female body.

मंत्री पद संभालने के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने कहा था कि एड्स के खिलाफ जागरूकता अभियान में जरूरत से ज्यादा जोर कॉन्डम के इस्तेमाल पर है, जबकि नैतिक मूल्यों और जीवनसाथी के प्रति बेवफाई नहीं करने से जुड़े अभियानों पर फोकस नहीं है।

इससे पहले का आखिरी विवाद ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट ऑफ साइंसेज (एम्स) के विजिलेंस ऑफिसर को हटाने से जुड़ा है, जिन्होंने हॉस्पिटल में भ्रष्टाचार के कई मामलों से परदा हटाया था।

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