'ईसाई धर्म ग्रहण न करने पर नौकरी से निकाला गया'
यूपी के हाथरस में सेंट फ्रांसिस सीनियर सैकेंड्री स्कूल में लंबे समय तक कार्यरत रहने के बाद बाहर का रास्ता दिखाए जाने पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने स्कूल के फादर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
कर्मचारी का आरोप है कि उस पर ईसाई धर्म ग्रहण करने का दबाव बनाया गया। ऐसा नहीं करने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया। कर्मचारी के समर्थन में बड़ी संख्या में हिंदूवादी सदर कोतवाली पहुंच गए।
पुलिस के जांच-पड़ताल करने के बाद मुकदमा दर्ज करने की बात पर उन्होंने कोतवाली के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मचारी सुनील कुमार पुत्र किशोरी लाल निवासी नहरोई का कहना है कि वह पिछले सात साल से इस कॉलेज में कार्यरत था। आरोप है कि फादर ने उसे रात में ड्यूटी पर भूतों से बचने के लिए एक चेन दी, जिसमें जीसस क्राइस्ट था।उसे बाइबिल भी दी गई, लेकिन उसने मना कर दिया। इस साल अगस्त में फादर ने उसे दो महीने बाद नौकरी पर आने को कहा।
अनर्गल है आरोप
सुनील के मुताबिक उसके चाचा ने ईसाई धर्म ग्रहण कर लिया है। बीते दिनों
फादर उसके चाचा के यहां आए और सुनील को ईसाई धर्म ग्रहण करने के लिए
उकसाया। ऐसा नहीं करने पर उसे नोटिस देकर नौकरी से बाहर कर दिया गया।
वहीं हाथरस सदर के कोतवाल एके सिंह ने कहा कर्मचारी की शिकायत मिली है। इसमें जांच की जरूरत है। दो महीने तक नौकरी से बाहर रहने पर कर्मचारी ने कोई शिकायत क्यों नहीं की? पहले कभी ईसाई बनाने के दबाव की शिकायत पुलिस को क्यों नहीं की गई? सभी बिंदुओं पर जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इस पूरे मामले पर स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. रॉवर्ट वर्गीस ने कहा कि रात्रि में चौकीदार का काम करने वाले चौकीदार सुनील कुमार के आरोप निराधार हैं। उसे मौजूदा समय में भी स्कूल से निकाला नहीं गया है।
गलत चाल-चलन के कारण उसे दो माह पहले सस्पेंड कर दिया गया था। वह शराब के नशे में आए-दिन रात्रि की जगह दिन में शिफ्ट करने की मांग कर रहा था, किंतु दिन में स्कूल के बच्चों की सुरक्षा को लेकर इसके चाल-चलन से कोई समस्या खड़ी नहीं हो इस कारण उसे दिन में नहीं लगाया था।
अब दो माह बाद उसके द्वारा अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं। इस संबंध में पूर्व में ही पुलिस अधीक्षक एवं जिलाधिकारी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है।