उम्र 31 साल की, मुकदमा चलेगा बच्चों की कोर्ट में
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गुजरात के अहमदाबाद में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है जिसे सुन कर आप दातों तले उंगली दबा लेंगे। दरअसल यहां 31 साल के एक आरोपी पर किशोर न्यायालय में मामला चलेगा। यह स्थिति 14 साल पहले पुलिस और कोर्ट की चूक की वजह से बन गई।
जिस मामले में युवक पर मुकदमा चलेगा वह 2 अक्टूबर 2001 का है जह अमराईवाड़ी पुलिस ने तुषार कांतिलाल परमार और 8 अन्य युवकों पर दंगा भड़काने एवं साइकिल सवाल की हत्या करने के आरोप में मामला दर्ज किया था।
मामला दर्ज होने के बाद सभी को तुरंत गिरफ्तार भी कर लिया गया और फिर चार्जशीट दायर की गई लेकिन मामला जनवरी 2002 से ही स्थानीय अदालत में लंबित चल रहा था।
ऐसे हुआ खुलासा
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब लंबित मामलों को निपटाने के लिए मुहिम चलाई
गई और इस मामले की फाइल दुबारा खोली गई।
मामले के 14 साल बाद जब चार्जशीट
अदालत में भेजी गई तो इस बात का खुलासा हुआ कि अपराध करते समय परमार की
उम्र 17 साल थी।
मतलब की वह नाबालिग था। इस खुलासे के बाद कोर्ट ने परमार
का मामला जुवेलाइल जस्टिस बोर्ड को सौप दिया है वहीं अपराध में शामिल अन्य
सात युवकों पर मामला पहले की तरह ही चलता रहेगा।