कार्रवाई: तापस पाल के खिलाफ होगी FIR
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के विवादास्पद सांसद तापस पाल के मुद्दे पर ममता बनर्जी की अगुवाई वाली राज्य सरकार को करार झटका देते हुए पुलिस को 72 घंटे के भीतर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।
अदालत ने खुफिया विभाग (सीआईडी) से तापस के विवादास्पद बयानों की जांच कर एक सितंबर तक इस मामले में रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया है। सीआईडी जांच की निगरानी हाईकोर्ट ही करेगा।
हाईकोर्ट के जज दीपंकर दत्ता ने सोमवार को एक याचिका पर सुनवाई के बाद यह निर्देश दिया। इससे तृणमूल खेमे में खलबली मच गई है, लेकिन ममता समेत किसी भी नेता ने अदालत के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
रेप और हत्या करने के दिए थे बयान
मालूम हो कि तृणमूल सांसद तापस पाल ने हाल में सामने आए तीन वीडियो में माकपा समर्थकों की महिलाओं के साथ रेप कराने और समर्थकों की हत्या करने जैसे विवादास्पद बयान दिए थे।
अदालत ने इस मामले में पुलिस की उदासीनता के लिए उसकी खिंचाई भी की। जज ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में घोर लापरवाही का परिचय दिया है। उसने सांसद के खिलाफ दर्ज शिकायतों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की है।
विपक्षी माकपा नेता व सांसद मोहम्मद सलीम ने कहा कि पाल के खिलाफ सीआईडी की जांच से कोई खास फायदा नहीं होगा, लेकिन उम्मीद है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।