स्थानीय निकाय चुनाव पर गुजरात सरकार को झटका
हाईकोर्ट ने गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव स्थगित करने के राज्य सरकार के अध्यादेश को खारिज करते हुए निकाय चुनाव में देरी को असंवैधानिक करार दिया है।
कोर्ट ने बुधवार को राज्य निर्वाचन आयोग को भी फटकार लगाते हुए निकायों का कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व इसके चुनाव कराने के निर्देश दिए।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जयंत पटेल और एनवी अंजारिया की खंडपीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग पर बरसते हुए कहा कि आखिर उसने क्यों राज्य सरकार के उस अध्यादेश का उपयोग किया जिसके मुताबिक स्थानीय निकाय का चुनाव तीन महीने के लिए स्थगित करने का फैसला हुआ था।
कोर्ट ने कहा कि यह कृत्य अवैध है और चुनाव को समय से कराने के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण है।
तीन कानूनों में संशोधन किया
गौरतलब है कि गुजरात में पटेल आंदोलन को लेकर राज्य की भाजपा सरकार ने अध्यादेश के जरिये तीन कानूनों में संशोधन किया था।
जिसमें राज्य निर्वाचन आयोग को कानून-व्यवस्था के मद्देनजर स्थानीय निकायों का चुनाव स्थगित करने की सलाह देने का अधिकार शामिल है।
गुजरात के छह नगर निगमों, 56 नगरपालिका, 230 तालुका पंचायतों और 31 जिला पंचायतों के चुनाव अक्तूबर और नवंबर की बीच समाप्त हो रहे हैं।