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मोदी राज में बुनकरों के अच्छे दिन आने वाले हैं?

Thu, 29 May 2014 02:25 PM IST
मोहम्मद अशफाक सिद्दीकी/अमर उजाला, वाराणसी
मोहम्मद अशफाक सिद्दीकी/अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 29 May 2014 02:25 PM IST
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have Modi's special agenda for weavers!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुनकरों की समस्याओं का समाधान करना चाहते हैं। वे यह जानना चाहते हैं कि बुनकरों के समक्ष कौन-कौन सी दिक्कतें हैं और उनका समाधान कैसे निकाला जा सकता है।

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प्रधानमंत्री के दूत ने इसी उद्देश्य से बुनकरों के सरदार से मुलाकात की और उन्हें मोदी की मंशा से अवगत कराया। प्रधानमंत्री की इस पहल से बुनकरों को अब लगने लगा है कि उनके अच्छे दिन आने वाले हैं।
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माना जा रहा है कि जल्द ही बुनकरों का एक शिष्टमंडल प्रधानमंत्री से मुलाकात करने दिल्ली जाएगा।

पूर्व विधायक ने की पहल

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प्रधानमंत्री से बनारस के बुनकरों की मुलाकात हो, इसके लिए पूर्व विधायक झुल्लन साहू के पुत्र और मोदी के करीबी श्याम सुंदर और हाल ही में भाजपा ज्वाइन करने वाले फिरोज खां मुन्ना ने पहल की है।

मोदी ने उन्हें अपने दूत के रूप में बुनकरों के बीच जाकर उनकी समस्याओं के बारे में जानने को कहा है ताकि उन्हें और अधिकार और सुविधाएं देकर बनारस की कला को बचाया जा सके।

इसके बाद श्याम सुंदर और फिरोज खां मुन्ना ने बुनकर बिरादराना तंजीम चौदहों के सरदार मकबूल हसन से मुलाकात कर उन्हें पीएम के दिल की बात बताई। बकौल मकबूल हसन, बुनकरों को उनका हक मिले और रोजी-रोटी सही तरीके से चल सके, उन्हें और क्या चाहिए। अगर प्रधानमंत्री बुनकरों से मिलना चाहते हैं तो बुनकर भी उनकी इस दरियादिली का खुले दिल से स्वागत करते हैं।

उन्होंने बताया कि जल्द ही सभी तंजीमों के सरदारों के साथ बैठक कर पीएम से दिल्ली में मुलाकात करने पर चर्चा होगी। दूसरी ओर श्याम और फिरोज खां मुन्ना बुनकर इलाकों में बैठकें कर उनके दिल का हाल जानने में लगे हैं।

पीएम के सामने उठा सकते हैं ये मुद्दे

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-गुजरात में चल रहे रेट के आधार पर यहां भी मिले पॉलिस्टर यार्न
- सस्ता रेशम मिले ताकि बंद पड़े करघे फिर शुरू हो सकें
- बुनकरों को बाजार दिलाया जाए ताकि बिचौलियों का दखल बंद हो
- सिल्क मार्क पर रजिस्ट्रेशन फीस माफ की जाए
- बुनकरों के बच्चों के लिए स्कूल और कालेज खोले जाएं
- ऐसी व्यवस्था हो जिससे बुनकरों की योजनाएं उन तक पहुंचे
- पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए ताकि लूम चल सकें

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