बापू की फाइल पर झूठ बोल गए राजनाथ!
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गृहमंत्रालय के सफाई अभियान में मिली महात्मा गांधी की हत्या से संबंधित कोई भी फाइल अब तक राष्ट्रीय अभिलेखागार नहीं पहुंची है।
जबकि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में विपक्ष को यह आश्वासन देकर कर शांत कर दिया कि गांधीजी की हत्या से संबंधित 52 फाइलें और संबंधित 11,186 पेज राष्ट्रीय अभिलेखागार में सुरक्षित रखे हुए हैं।
अभिलेखागार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर ये फाइलें नष्ट नहीं की गई हैं तो इसे अभी गृहमंत्रालय के ही रिकॉर्ड विभाग (ओ एंड एम) में रखा गया होगा। इसे अब तक राष्ट्रीय अभिलेखागार के सुपुर्द नहीं किया गया है।
संसद में हुआ था हंगामा
अधिकारी ने बताया कि भारत के आखिरी वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और पूर्व राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद से संबंधित कोई भी फाइल हमें नहीं दी गई है।
इस संबंध में राष्ट्रीय अभिलेखागार के महानिदेशक और गृहसचिव की बीते शुक्रवार मुलाकात होनी थी जो आखिरी वक्त में टाल दी गई।
गांधीजी की हत्या से संबंधित फाइल को नष्ट किए जाने के मुद्दे पर राज्यसभा में बीते सप्ताह राजनाथ के दिए गए बयान पर असंतोष जताते हुए विपक्ष ने फिर हंगामा किया।
राजनाथ ने किया था दावा
गौरतलब है कि सीपीएम सांसद आर राजीव ने अखबार में छपी खबर के हवाले से सरकार पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर गांधीजी की हत्या से जुड़ी फाइलों को नष्ट कर दिया गया है।
इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए राजनाथ ने शुक्रवार को अपनी पहल पर सदन में बयान दिया कि गांधी से जुड़ी कोई फाइल नष्ट नहीं की गई हैं। राजनाथ ने कहा कि उसे राष्ट्रीय अभिलेखागार में सुरक्षित रखा गया है।
अभिलेखागार के सूत्रों के मुताबिक भाजपा और कांग्रेस सहित सभी पार्टियों को मालूम है कि ऐतिहासिक रिकॉर्ड को संजोकर रखने में पूरी व्यवस्था कितनी सुस्त और गैर-जिम्मेदार है।
फाइलों के संरक्षण में ढीला है सरकार का रवैया
अधिकारियों ने आरोप लगाया कि वह ऐतिहासिक रिकॉर्ड को अभिलेखागार के सुपुर्द करने की गंभीर तकनीकी खामियों पर बहस करने के बजाए संसद के भीतर गांधीजी के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।
अधिकारी के मुताबिक अभिलेखागार में अंग्रेजों के जाने के बाद से सरकार की ओर से बहुत कम ऐतिहासिक रिकॉर्ड जमा किए गए हैं।
गांधी से जुड़ी इन फाइलों का अब तक अभिलेखागार नहीं पहुंचाना उसी रवैये का नतीजा है।