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हरियाणा सरकार-डीएलएफ में साठगांठ: अग्निवेश

Fri, 09 Nov 2012 10:58 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 09 Nov 2012 10:58 PM IST
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haryana govt working in favour of dlf alleges swami agnivesh

अरविंद केजरीवाल के बाद समाजसेवी स्वामी अग्निवेश ने भी हरियाणा सरकार और डीएलएफ पर वार किया है। शुक्रवार को पत्रकारों से रू-ब-रू अग्निवेश ने आरोप लगाया कि दोनों ने आपसी साठगांठ करके एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला किया है। इस मामले में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित केंद्रीय विशेषाधिकार समिति की भूमिका पर भी सवालिया निशान लगाया।

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उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के नाम पर वर्ष 2000 में हरियाणा सरकार ने वजीराबाद जिले में 350 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया। इससे पहले जमीन पंचायत के अधीन थी। हरियाणा राज्य औद्योगिक व अवसंरचना विकास कॉरपोरेशन ने लंबे समय तक कोई काम नहीं किया।
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बाद में इसी जमीन पर वैश्विक स्तर का मनोरंजन केंद्र बनाने के लिए टेंडर मांगे गए। पहले इसकी पर्यावरण से संबंधित एनओसी लेने की जिम्मेदारी कंपनी पर डाली गई। इसमें एक कंपनी का टेंडर आया, लेकिन बगैर खोले इसे रद्द कर दिया गया। दोबारा फिर से टेंडर डाला गया और डीएलएफ का नाम आने पर पर्यावरण संबंधी अनुमति लेने की जिम्मेदारी भी सरकार ने अपने ऊपर ले ली।
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उन्होंने कहा कि डीएलफ को करीब चालीस हजार करोड़ रुपये की जमीन 1,700 करोड़ में दी गई। इसके लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट गई, जहां से केंद्रीय विशेषाधिकार समिति बनाई गई। इसकी रिपोर्ट के आधार पर निर्माण कार्य होना था, लेकिन सरकार और कंपनी ने ताकत का इस्तेमाल करते हुए कमेटी को अपने प्रभाव में लेकर रिपोर्ट हक में तैयार करवा ली।


खास बात यह कि जहां मनोरंजन केंद्र तैयार होना है, उसी के बगल में डीएलएफ का पहले से ही गोल्फ कोर्स है। इसमें एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी हुई है। सरकार को एक एसआईटी गठित करनी चाहिए। टीम सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच करे। जांच के दौरान इस मामले में किसी का नाम आने पर तुरंत उसकी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।

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