राबर्ट वाड्रा के जल्द आने वाले हैं 'बुरे दिन'
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा हरियाणा के जमीन सौदे विवाद में बुरी तरह घिर सकते हैं। कैग रिपोर्ट में सौदे में अनियमितता सामने आने के बाद इससे जुड़े सौदे की जांच में तेजी लाई जाएगी।
शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से हुई मुलाकात में सीएजी रिपोर्ट पर लंबी चर्चा हुई। इस बैठक में सीएजी के निष्कर्षों के आधार पर सभी सौदों की तेजी से जांच कराने पर सहमति बनी।
करीब एक घंटे तक चली इस मुलाकात के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार और जाट आरक्षण पर भी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि खट्टर बंगलूरू में होने वाली पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम रूप देंगे।
उल्लेखनीय है कि कैग ने वित्त वर्ष 2013-14 की अपनी रिपोर्ट में राबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटेलिटी सहित कई अन्य कंपनियों पर किसानों की जमीन कौड़ियों के भाव खरीद रियल स्टेट कंपनियों को कई गुणा अधिक कीमत पर बेच कर भारी मुनाफा कमाने की पुष्टि की है।
सीएजी रिपोर्ट के आधार पर जांच तेज करने का निर्देश
कैग रिपोर्ट में कहा गया है कि इन कंपनियों ने 15 फीसदी से अधिक लाभ की राशि भी सरकार के खाते में जमा नहीं कराई। हरियाणा सरकार जमीन सौदा घपलेबाजी मामले को सियासी हथियार बनाएगी।
कैग की रिपोर्ट में गड़बड़झाले की रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार जल्द ही जिक्र किए गए सभी सौदों की जांच कराएगी। सूत्रों ने बताया कि खट्टर-शाह मुलाकात के दौरान इस मामले में लंबी चर्चा हुई। शाह ने पूरे मामले में खट्टर को फ्री हैंड दिया है।
इस मुलाकात में अरसे से लंबित मंत्रिमंडल विस्तार पर भी चर्चा हुई। इस दौरान खट्टर ने संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा की। माना जा रहा है कि कार्यकारिणी की बैठक के बाद खट्टर अपने मंत्रिमंडल का पहला विस्तार करेंगे। बैठक में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जाट आरक्षण को निरस्त किए जाने के बाद की राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा हुई।