नेहरू की जान बचाने पर मिला पहला वीरता पुरस्कार

अनुभा रोहतगी/बीबीसी संवाददाता Updated Wed, 29 Jan 2014 08:53 PM IST
harish mehra first bravery award winner for saveing life of nehru
“ये बच्चे जिन्हें रातों-रात चमकता हुआ सितारा बना दिया जाता है, धूल-बिसरित हो जाते हैं। कोई इन्हें पूछने वाला है?” ये सवाल है 70 साल के हरीश चंद्र मेहरा का उन बच्चों के बारे में, जिन्हें हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर बहादुरी के लिए वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।

साल 1957 में हरीश चंद्र मेहरा के भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की जान बचाने के साहसी कारनामे ने नींव रखी बच्चों को दिए जाने वाले वीरता पुरस्कारों की। इस सवाल में न सिर्फ़ इन बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता थी बल्कि हरीश मेहरा की अपने अतीत और वर्तमान की निराशा भी छिपी थी क्योंकि 50 साल से ज़्यादा समय पहले वे भी ऐसे ही एक बच्चे थे।
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जब नेहरू की जान बचाई

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