{"_id":"ca75d5c8-c513-11e2-a4b2-d4ae52bc57c2","slug":"harassed-by-cops-engineering-student-ends-life","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता भी नहीं बचा पाए, बेटे ने किया फोन और कर ली आत्महत्या","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
पिता भी नहीं बचा पाए, बेटे ने किया फोन और कर ली आत्महत्या
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 25 May 2013 01:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरंगाबाद के 22 साल के इंजीनियर के छात्र ने इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि उसे और उसके भाई को चोरी के झूठे मुकदमे में फंसाया गया था।
पुलिस हेड कॉन्सटेबल अशोक जावले के बेटे भास्कर जावले ने उस वक्त आत्महत्या कर ली जब पिता एक शादी में गए हुए थे।
भास्कर ने पिता को कॉल करके बताया कि वह आत्महत्या कर रहा है।
घबराए हुए पिता ने अपने एक रिश्तेदार को फोन करके तुरंत घर पहुंचने के लिए कहा। लेकिन इससे पहले कि कोई भास्कर तक पहुंच पाता, वह पहले ही फांसी के फंदे पर झूल चुका था।
भास्कर ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह पुलिस से तंग होकर आत्महत्या कर रहा है। उसकी मौत के लिए परिवार या दोस्त कोई भी जिम्मेदार नहीं हैं।
उसने यह भी लिखा कि पुलिस ने उसे और उसके भाई हेमंत को चोरी के फर्जी आरोपों में फंसा रखा है और उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।
नोट में एक और किस्से का बयान था कि उसके पिता ने उसे लताड़ा था कि वह देर रात शराब पीकर घर लौटा। भास्कर ने लिखा कि उसने शराब नहीं पी हुई थी।
घटना के बाद परिवार एवं स्थानीय लोगों ने पुलिस स्टेशन का घेराव किया और मामले की जांच की मांग की।
विज्ञापन
पुलिस हेड कॉन्सटेबल अशोक जावले के बेटे भास्कर जावले ने उस वक्त आत्महत्या कर ली जब पिता एक शादी में गए हुए थे।
भास्कर ने पिता को कॉल करके बताया कि वह आत्महत्या कर रहा है।
घबराए हुए पिता ने अपने एक रिश्तेदार को फोन करके तुरंत घर पहुंचने के लिए कहा। लेकिन इससे पहले कि कोई भास्कर तक पहुंच पाता, वह पहले ही फांसी के फंदे पर झूल चुका था।
भास्कर ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह पुलिस से तंग होकर आत्महत्या कर रहा है। उसकी मौत के लिए परिवार या दोस्त कोई भी जिम्मेदार नहीं हैं।
उसने यह भी लिखा कि पुलिस ने उसे और उसके भाई हेमंत को चोरी के फर्जी आरोपों में फंसा रखा है और उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।
नोट में एक और किस्से का बयान था कि उसके पिता ने उसे लताड़ा था कि वह देर रात शराब पीकर घर लौटा। भास्कर ने लिखा कि उसने शराब नहीं पी हुई थी।
घटना के बाद परिवार एवं स्थानीय लोगों ने पुलिस स्टेशन का घेराव किया और मामले की जांच की मांग की।