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'हनुमान' का आधार कार्ड, डाकिया परेशान

Fri, 12 Sep 2014 06:43 PM IST
Updated Fri, 12 Sep 2014 06:43 PM IST
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Hanuman_Aadhaar card_Rajasthan

पढ़ कर हैरानी हो सकती है लेकिन बात ही इतनी अजीब है। राजस्थान के सीकर में रामायण के पात्र हनुमान के नाम पर आधार कार्ड जारी कर दिया गया है। इस आधार कार्ड में बकायदा 12 डिजिट का सरकारी आधार कार्ड का नंबर भी लिखा हुआ है।

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आधार कार्ड में हनुमान के नाम का मोबाइल नंबर और पता भी दिया गया है। और तो और पिता के नाम के आगे 'पवन जी' लिखा हुआ है। आधार कार्ड में बकायदा हनुमान की तस्वीर भी लगी हुई है। इस तस्वीर में हनुमान ने मुकुट पहना हुआ है और मोतियों की माला भी पहन रखी है।
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ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि सरकारी आधार कार्ड में किसी तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया है। ऐसे मामले लगातार सामने आते रहते हैं जिसमें बिना वेरिफिकेशन के या मरे हुए लोगों तक के आधार कार्ड जारी कर दिए गए हैं। और अब तो हनुमान के नाम का आधार कार्ड सामने आया है।

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जानबूझ कर बनवाया हनुमान के नाम का आधार कार्ड

Hanuman_Aadhaar card_Rajasthan

पूरी घटना में सबसे दिलचस्प बात यह है कि हनुमान के नाम का यह आधार कार्ड जानबूझ कर बनवाया गया है। राजस्थान में रहने वाले विक्की कुमार एक कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। उन्होंने चार बार आधार कार्ड बनवाने की कोशिश की लेकिन फिंगर प्रिंट मैच न होने के कारण उनका आधार कार्ड नहीं बन सका।

इसके बाद उन्होंने हनुमान के नाम से आधार कार्ड बनवाने के लिए एप्लीकेशन दी। और उसमें अपना पता और नंबर दे दिया। विवेक कुमार का कहना है कि यदि आप पैसा खर्च कर सकते हैं तो आप कैसा भी आधार कार्ड बनवा सकते हैं।

और सिर्फ राजस्थान में ही नहीं देश के कई राज्यों समेत राजधानी दिल्ली में भी इस तरह से फर्जी आधार कार्ड बन रहे हैं। दिल्ली में तो पाकिस्तान और बांग्लादेश से आकर रह रहे लोग आसानी से अपना आधार कार्ड बनवा रहे हैं। और इसके लिए 500-1000 रुपए में ही सारा काम कर दिया जाता है।

पूरे देश में रैकेट

Hanuman_Aadhaar card_Rajasthan

पूरे देश में ऐजेंट्स का बड़ा रैकेट है जो इस तरह के सारे सरकारी काम पैसे ले कर करने को तैयार रहते हैं। इसी तरह ये आधार कार्ड के लिए भी एजेंट्स लोगों से पैसा लेकर किसी भी जानकारी पर आधार कार्ड तैयार करवा रहे हैं।

एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक जांच के बाद ऐसे सारे मामलों में नकली आधार कार्ड पकड़े जाने पर उन्हें वापस ले लिया जाता है और कहीं डिलिवर नहीं किया जाता।

लेकिन हनुमान के इस आधार कार्ड में तो एक और मजेदार वाकया जुड़ा है। और वो ये कि ये आधार कार्ड डाकिए तक पहुंच गया और भटकता रहा कि इसे किसे दिया जाए। जानकारी के अनुसार जिस डाकिया जब खोजते-खोजते विक्की कुमार के पते पर पहुंचा भी तो उसने यह आधार कार्ड लेने से मना कर दिया। जिसके बाद यह आधार कार्ड सीकर जिले के एक पोस्ट ऑफिस में डिलिवर कर दिया गया।

स्थानीय डाक विभाग के अऩुसार उन्होंने चार दिन तक इस कार्ड को पते पर पहुंचाने की कोशिश की लेकिन जब आखिर में विक्की कुमार मिला भी तो उसने इसे लेने से मना कर दिया।

इसके अलावा इस आधार कार्ड का सोशल मीडिया पर भी बहुत मजाक बनाया जा रहा है। फेसबुक और ट्विटर दोनों पर ही हनुमान के आधार कार्ड की तस्वीर और इससे जुड़ी जानकारी वायरल हो रही है।

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