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अफजल के अंजाम से शहीदों के परिजन खुश

Sat, 09 Feb 2013 09:02 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sat, 09 Feb 2013 09:02 PM IST
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hanging of afzal moment of great happiness martyr family

संसद पर हमले के मुख्य आरोपी अफजल गुरू को फांसी मिलने से इस मामले के शहीदों के परिजन खुश हैं। उन्होंने इसे बेहद हर्ष का क्षण करार दिया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि अफजल की फांसी से उन्हें न्याय मिल गया है और अब वे वीरता पदक (मेडल) वापस लेने को तैयार हैं। गौरतलब है कि अफजल की फांसी में हो रही देरी के विरोध में शहीदों के परिजनों ने 2006 में अपने मेडल लौटा दिए थे। अब वे अपने परिजन की वीरता के इस प्रतीक को सिर-माथे लगाने को तैयार हैं।

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शनिवार को अफजल को फांसी दिए जाने के बाद शहीदों के परिजनों ने कहा कि लगभग 11 साल के इंतजार के बाद आखिरकार उन्हें न्याय मिल गया। उसके लिए वे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलेंगे और अफजल की दया याचिका खारिज करने के लिए उनका आभार व्यक्त करेंगे। संसद हमले में शहीद हुए मातबर सिंह नेगी के बेटे गौतम नेगी ने कहा कि देर आए दुरुस्त आए।
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एक अन्य शहीद जेपी यादव की विधवा प्रेम ने जयपुर में कहा कि आज हमें न्याय मिल गया और मैं इसे शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकती। यादव को मरणोपरांत अशोक चक्र प्रदान किया गया था। हमले में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल विजेंदर सिंह भी शहीद हुए थे। उनकी विधवा जयवती ने कहा कि आज मैं बहुत खुश हूं। एक अन्य शहीद और दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर रहे नानक चंद की विधवा गंगा देवी ने कहा कि मैं उम्मीद खो चुकी थी, लेकिन कसाब की फांसी के बाद न्याय मिलने की उम्मीद जग गई।
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हमले की इकलौती महिला शहीद कमलेश कुमारी के पति अवधेश कुमार ने कहा कि शहीदों की कुर्बानी बेकार नहीं गई। उन्होंने भी विरोध स्वरूप अशोक चक्र लौटा दिया था। अफजल की फांसी पर शहीद धनश्याम की मां और पत्नी ने कहा कि उनके दिल को आज सुकून मिला है। शहीद रामपाल की मां केला देवी ने कहा कि आज उनके कलेजे को ठंडक मिली है। बहरहाल, शहीदों के इन सभी परिजनों ने कहा है कि अब वे मेडल वापस लेने के लिए तैयार हैं।

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