फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   hanging men will change mindset of men

क्या फांसी की सजा से बदल जाएगी पुरुषों की सोच?

Tue, 01 Jan 2013 05:36 PM IST
नई दिल्ली/बृजेश सिंह
नई दिल्ली/बृजेश सिंह Updated Tue, 01 Jan 2013 05:36 PM IST
विज्ञापन
hanging men will change mindset of men

कानून में दोषियों को फांसी और नपुंसक बनाने जैसे प्रावधानों से क्या बलात्कार जैसी घटनाओं को रोका जा सकता है? बलात्कार कानून व्यवस्था से पहले एक सामाजिक समस्या है।

विज्ञापन


समस्या के दीर्घकालिक समाधान के लिए समाज की सोच को बदलना होगा। केमिकल कैस्ट्रेशन (नपुंसक) या फांसी से यह संभव नहीं है। देश के प्रमुख शिक्षाविदों एवं समाजशास्त्रियों का मत है कि शिक्षण संस्थाएं इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
विज्ञापन


जवाहर लाल विश्वविद्यालय के प्रो. व समाजशास्त्री आनंद कुमार कहते हैं कि समस्या की जड़ हमारे समाज व संस्कारों की बनावट में है। अपरिचित स्त्री से चुहल करने से लेकर हिंसा तक को मर्दानगी माना जाता है। ऐसी भावनाओं के चलते जब कभी स्त्री पुरुष के संग एकांत में होती है तो पुरुष के मन का राक्षस जाग जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रो. आनंद कहते हैं कि समाज में गहरे तक फैली ऐसी मानसिकता को दूर करने में शिक्षण संस्थाएं प्रभावशाली भूमिका निभा सकती हैं। वे सह शिक्षा तथा शिक्षक के रूप में महिलाओं की संख्या बढ़ाए जाने पर जोर देते हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र के प्रो. संजय श्रीवास्तव कहते हैं कि हमारे समाज में महिलाओं के बारे में पुरुषों की जो सोच है, क्या वह केमिकल कैस्ट्रेशन या फांसी से बदल सकती। वे कहते हैं, हमें समाजिक बदलाव की बात करनी होगी। इसका समाधान जैविक नहीं हो सकता।

प्रमुख शिक्षाविद विनोद रैना का मानना है कि वर्तमान में शिक्षकों की भी महिलाओं के प्रति सोच बदलने की जरूरत है। इसके लिए उन्मुखीकरण किए जाने पर जोर देना चाहिए। बचपन में महिलाओं के प्रति नजरिए को बदलने के लिए सह शिक्षा पर भी वे जोर देते हैं।


प्रो. रैना के अनुसार केवल बच्चों को ही नहीं, बल्कि बड़ों को भी इस बारे में शिक्षित करने के लिए प्रौढ़ साक्षरता कार्यक्रम पर जोर दिया जाना चाहिए। प्रो. रैना कैब कमेटी के सदस्य भी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति पुरुषों की सोच में बदलाव के लिए शिक्षण संस्थानों में उन्मुखीकरण के लिए वे मानव संसाधन मंत्री से भी बात करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed