यूपी पुलिस का खौफ, 50 घरों में लटके ताले
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खाकी के खौफ से महरूपुर मड़ैया गांव की चौहान बस्ती के 50 से अधिक घरों में ताला लग गया है। दरवाजे पर बंधे मवेशियों को कोई चारा देने वाला भी नहीं है।
पिछले 24 घंटे के अंदर भूख प्यास से तड़प चार मवेशियों की मौत हो गई। इसकी जानकारी पर पड़ोस के गांव के कुछ लोगों ने शुक्रवार को चौहान बस्ती में जा कर भूखे मवेशियों को आजाद कर दिया।
पानी की तलाश में एक गाय शुक्रवार को बस्ती के कुएं में गिर पड़ी। जिसे पुलिस ने जेसीबी की मदद से सुरक्षित निकाल लिया। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम बस्ती में पहुंची तो वहां अजीब सा सन्नाटा पसरा था।
एक घर के बाहर बैठी वृद्धा ने गाड़ी को दरवाजे के सामने रुकते देखा तो वह तेजी से अंदर चली गई और दरवाजा बंद कर लिया। उसे लगा कि शायद पुलिस वाले आए हैं।
बाद में जब उसे बताया गया कि हमलोग अखबार वाले हैं तो उसने दरवाजा खोला और अपनी पीड़ा बयान करते हुए फफक कर रो पड़ी। वृद्धा गौरी देवी ने कहा कि उनके परिवार के लोग कहां हैं उन्हें खुद पता नहीं है। वह गठिया से पीड़ित हैं इसलिए वह घर छोड़कर नहीं जा सकीं। आसपास के घरों के सारे लोग रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं।
गांव में घूमने पर टीम को पुरुष तो क्या कोई महिला या बच्चा नजर नहीं आया। महेंद्र चौहान, छोटेलाल, बृजलाल और मानसिंह के दरवाजों पर खूंटे से बंधी भैंसें वैसे ही मरी पड़ी थी।
वहां उन्हें दफन करने वाला भी कोई नहीं था। पड़ोसी गांव के लोग इस भय से बस्ती में नहीं जा रहे हैं कि पुलिस कहीं उन्हें भी गिरफ्तार न कर ले।
क्या था मामला
जफराबाद महरूपुर पोलिंग बूथ पर मंगलवार को मतदान में धांधली के विरोध में शंकरगंज क्रासिंग के पास लोगों ने जाम लगाया था। जाम और बवाल के बाद पुलिस ने लाठी पटक कर लोगों को खदेड़ने की कोशिश की तो लोग उग्र हो गए और पुलिस दल पर पथराव शुरू कर दिया और कई सरकारी वाहनों को फूंक दिया था।
इस मामले में पुलिस ने 30 नामजद समेत 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। बुधवार की रात में दबिश देकर पुलिस ने बस्ती की18 महिलाओं समेत 20 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
आरोप है कि रात में दबिश देने पहुंची पुलिस ने घर में घुसकर टीवी, आलमारी, चारपाई आदि सामान तोड़ डाले, कई घरों और शौचालयों का भी दरवाजा तोड़ दिया गया। महिलाओं की पिटाई भी की गई। पुलिस के खौफ से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने घर छोड़ कर चले गए हैं।
''पुलिस पर पथराव, पुलिस की गाड़ी फूंकने की घटना मामूली नहीं थी। उस घटना में केस दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो अब लोग घर छोड़कर भाग रहे हैं। अगर वे पुलिस के सामने आने में डर रहे हैं तो उन्हें कोर्ट में हाजिर हो जाना चाहिए। आखिर घटना हुई है तो कार्रवाई तो होगी ही। घरों के सामने मवेशियों के मरने की जानकारी नहीं है। एक गाय कुएं में जरूर गिरी थी। उसे पुलिस ने ही जेसीबी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।''
आशुतोष तिवारी, थानाध्यक्ष जफराबाद