उपराष्ट्रपति ने सांसदों के प्रतिनिधित्व पर उठाए सवाल

नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sat, 26 Jan 2013 11:44 AM IST
hamid ansari favours voters right to reject candidates
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उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने तीसरे राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर कहा कि संसद के अधिकांश सदस्य अपने क्षेत्रों की बहुसंख्यक आबादी का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। राज्यों की विधानसभाओं की हालत तो इससे भी खराब है। कुछ क्षेत्रों में भले ही 70 फीसदी तक मतदान का आंकड़ा पहुंच जाता है। मगर पूरे राज्य के स्तर पर तमाम प्रतिनिधि क्षेत्र के आधे से भी कम मतदाताओं के वोट से चुन लिए जाते हैं।
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उपराष्ट्रपति ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए शुक्रवार को कहा कि देश के अधिकांश मतदाता चुनाव के समय अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करते हैं, जिस कारण यह स्थिति पैदा हुई है। विज्ञान भवन में इस मौके पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए हामिद अंसारी ने कहा कि भारत जैसे परिपक्व लोकतांत्रिक देश में इस स्थिति से निपटने के लिए जरूरी प्रयास किए जाने चाहिए।


उन्होंने चुनाव आयोग की तारीफ करते हुए कहा कि बेहतर प्रबंधन के लिए आज पूरी दुनिया में इसे जाना जाता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने का लक्ष्य देश के ज्यादा से ज्यादा योग्य व्यक्तियों खासकर 18 से 19 वर्ष के बीच के युवाओं को मतदाता सूची में शामिल किए जाने का प्रयास करना है।

इस मौके पर उपस्थित केंद्रीय कानून मंत्री डा. अश्विनी कुमार ने कहा कि चुनावी लोकतंत्र में मतदाताओं की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी बहुत जरूरी है। उन्होंने चुनाव आयोग को सभी चुनावी सुधार संबंधी प्रयासों में सहयोग दिए जाने की भी बात कही।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त वीएस संपत ने मतदाता दिवस के उपलक्ष्य में चलाए गए अभियान के तहत देश भर में कुल 2.32 करोड़ युवा मतदाताओं को सूची में शामिल किए जाने पर निर्वाचन कर्मियों को बधाई दी। इस मौके पर निर्वाचन आयुक्त एचएस ब्रह्मा एवं नसीम जैदी भी मौजूद थे।

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