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जब दौडने वाले हाफ मैराथन में रास्ता भटक गए
इमरान कुरैशी/बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
Updated Wed, 22 Oct 2014 12:43 PM IST
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बैंगलोर में आयोजित एक हाफ मैराथन दौड में शामिल शीर्ष धावकों को एक अनजान रास्ते पर चार किलोमीटर दौडने के बाद पता चला कि वे रास्ता भटक गए हैं।
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रविवार को हुई इस हाफ मैराथन के विजेता को एक लाख रुपए का पुरस्कार मिलना था।
सिंगापुर में हुई 2010 की एशियन जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल विजेता इंद्रजीत पटेल ने बीबीसी हिंदी से कहा, "किसी को पता नहीं था कि हमको कब और कहां से मुडना है।"
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उन्होंने कहा, "आयोजकों की गाडियों को भी रास्ते की जानकारी नहीं थी। जब हम चार किलोमीटर अतिरिक्त दौड गए तब हमें लगा कि यह दौड के लिए निश्चित रास्ता नहीं है।"
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इंद्रजीत ने कहा, "मुझे उम्मीद थी कि मैं 21।7 किलोमीटर की दूरी एक घंटे तीन मिनट में पूरा कर लूंगा क्योंकि मैंने दिल्ली में होने वाली सीआरपीएफ की हाफ मैराथन में एक घंटे 13 मिनट का वक्त लिया था।"
नाराजगी
इस घटना से नाराज पटेल ने कहा, "सौभाग्य से मुझे एक स्थानीय टीवी चैनल की गाडी मिल गई। उन्होंने मुझे मैराथन शुरू होने वाली जगह पर मुझे उतार दिया। सुरेश कुमार पटेल और सोजी मैथ्यू (एशिया मेडल विजेता) को सुबह दौडने वाले लोगों से मेट्रो पहुंचने के लिए 20 रुपए उधार मांगने पडे।"
उन्होंने कहा, "आयोजकों का जवाब बडा अजीब था। सॉरी बोलना पर्याप्त नहीं है। हम पुरस्कार के लिए नहीं दौड रहे थे।"
इस दौड का आयोजन करने वाली संस्था के निदेशक नागराज अडिगा ने कहा, "हम मामले की जाँच कर रहे हैं। हम दौड जीतने पर जितनी राशि मिलनी थी उतनी राशि क्षतिपूर्ति के रूप में देने के फैसले पर विचार कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "हमने पहली बार किसी दौड का आयोजन किया है। हमारे समूह में बैंगलोर के धावक हैं। हमने इस दौड को आयोजित करने के लिए रनर्स फॉर लाइफ की मदद ली थी, जो पिछले दस सालों से दौड का आयोजन करता रहा है।"