क्या प्रधानमंत्री चखेंगे मोदी आम?
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एश्वर्या और सचिन के बाद अब "मोदी आम" भी बाजार में छाने को बेताब है। अपने आम को सितारों का नाम देने वाले हाजी कलीमुल्लाह की चाहत है कि प्रधानमंत्री के पास उनका यह नया आम पहुंचे ताकि वो खुद इसका स्वाद लें और जान सकें इस आम का नाम उन्हीं के नाम पर रखा गया है।
तरह तरह के आम को उगाने वाले पद्मश्री अवार्ड विजेता कलीमुल्लाह ने बताया, "मैने इस आम की वैरायटी का नाम प्रधानमंत्री के नाम पर ही रखा था लेकिन मेरे पास ऐसा कोई जरिया नहीं है कि मैं अपने आप को पीएम तक पहुंचा सकूं। मेरी इच्छा है कि मैं खुद फलों के राजा माने जाने वाले इस आम की वैरायटी को प्रधानमंत्री को खिलाऊं। मुझे भरोसा है कि उन्हें यह पसंद आएगा।"
कलीमुल्लाह ने बताया कि इस वैरायटी के आम का स्वाद काफी अच्छा है और देखने में भी सुंदर है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस आम का छिलका भी काफी पतला है और इस तरह के छिलके आमतौर पर आमों में कम देखने को मिलते हैं।
हुस्न ए आरा और दशहरी की क्रास वैरायटी है यह आम
अपने लखनऊ स्थित बागों में मलीहाबादी आमों को उगाने वाले कलीमुल्लाह ने बताया कि जिस किसी ने भी इसका स्वाद चखा है और अगर वह आम का पारखी रखा है तो उसने इस आम को सराहा ही है।
अपने बांगों में करीब 300 से ज्यादा वैरायटी के आम उगाने वाले इस शख्स ने बताया कि उन्होंने मोदी आम के लिए पांच सैंपल तैयार किए हैं और वो इन सभी सैंपलों को खुद पीएम को सौंपना चाहते हैं ताकि वो गुजरात में इन्हें उगा सकें।
उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि आम की यह वैरायटी गुजरात में भी उगाई जाए। कलीमुल्लाह ने बताया कि यह वैरायटी कोलकाता के हुस्न ए आरा और लखनऊ के दशहरी की क्रास वैरायटी है।