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हाईकोर्ट के जज पर यौन शोषण का आरोप

Tue, 05 Aug 2014 01:17 AM IST
Updated Tue, 05 Aug 2014 01:17 AM IST
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gwalior judge alleges sexual harassment by high court judge, quits

कार्यस्थल पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन शोषण पर लगाम लगाने के लिए बनी कमेटी विशाखा कमेटी के सदस्य रही एक जज ने खुद के यौन शोषण से आजिज आकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

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ग्वालियर की अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जज पर आरोप लगाया है कि वह जज उन्हें अकेले अपने बंगले पर बुलाने का दबाव बनाते थे।
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अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया ने मामले का खुलासा करते हुए लिखा है कि पीड़िता जज ने अपनी प्रतिष्ठा, नारीत्व और स्वाभिमान को बचाने के लिए अपना पद छोड़ा है।

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'हाई कोर्ट के जज ने आइटम सांग पर डांस करने को कहा'

gwalior judge alleges sexual harassment by high court judge, quits

ग्‍वालियर की इस महिला जज ने भारत के मुख्‍य न्‍यायाधीश आर एम लोढ़ा, सुप्रीम कोर्ट के जजों एचएल दत्‍तू, टीएस ठाकुर, अनिल आर दवे, दीपक मिश्रा और अरुण मिश्रा के अलावा मध्‍य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को अपनी शिकायत भेजी है।

उन्होंने शिकायत में बताया कि आरोपी जज ने डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार के माध्यम से उन्हें एक संदेश भेजा जिसमें जज ने अपने आवास पर होने वाले एक कार्यक्रम के दौरान उनसे एक आइटम सॉन्‍ग पर डांस करने की बात कही थी।

हालांकि उन्होंने अपनी बेटी के जन्मदिन का बहाना बताकर उस कार्यक्रम में जाने से इंकार कर दिया था।

शिकायत करने वाली जज का करियर

gwalior judge alleges sexual harassment by high court judge, quits

शिकायत करने वाली महिला जज के करियर की ‌शुरूआत दिल्ली हाई कोर्ट से हुई थी, जहां उन्होंने 15 साल प्रैक्टिस की ‌थी।

बाद में मध्य प्रदेश हायर ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम पास किया और एक अगस्त 2011 को उन्हें ग्वालियर में नियुक्त किया गया। जस्टिस डी के पालीवाल के अधीन ट्रेनिंग के बाद अक्टूबर 2012 में उन्हें ग्वालियर का अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायधीश नियुक्त किया गया।

'जज अपने बंगले पर अकेले आने का दबाव बनाते थे'

gwalior judge alleges sexual harassment by high court judge, quits

उन्हें अप्रैल 2013 में विशाखा कमेटी का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया था। उनके कार्य के आधार पर बनी 2014 की वार्षिक रिपोर्ट में उन्हें 'एक्सीलेंट और आउट स्टैंडिंग' जज बताया गया था।

महिला जज ने अपनी शिकायत में कहा कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर शाखा के एडमिनिस्ट्रेटिव जज उनपर लगातार अपने बंगले पर अकेले आने का दबाव बनाते रहते थे।

शिकायत पर जवाब देते हुए जस्टिस लोढ़ा ने कहा, 'यही एकमात्र ऐसा प्रोफेशन है जहां हम अपने साथ काम करने वालों को अपने भाई-बहन मानते हैं। यह घटना शर्मनाक है और शिकायत दर्ज होने के बाद मैं पर उचित कार्यवाही करूंगा।'

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