अब बुलबुलों की लड़ाई पर गुवाहाटी हाईकोर्ट ने लगाई रोक
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असम के हाजो स्थित प्राचीन हयाग्रिब मधाब मंदिर में होने वाली बुलबुल पक्षी की पारंपरिक लड़ाई पर गुवाहाटी हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। अदालत ने पशु कल्याण तथा क्रूरता से जुड़े विभिन्न प्रावधानों पर विचार के बाद यह निर्णय लिया है।
जज रूमी कुमारी फुकान ने पशु कल्याण बोर्ड की अर्जी पर सुनवाई करते हुए पिछले साल 22 दिसंबर को पारित अपने आदेश में सुधार किया। तब कोर्ट ने कामरूप जिला प्रशासन द्वारा पक्षियों की लड़ाई पर लगाई गई रोक पर स्थगन आदेश दिया था।
गुवाहाटी में बुलबुलों की लड़ाई पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
अदालत के फैसले पर राज्य भर के मंदिरों के पुजारियों की प्रतिक्रिया आने लगी है। उनका कहना है कि बुलबुल की लड़ाई धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा है। इससे भगवान विष्णु के प्रति आदर व्यक्त किया जाता है।
वहीं पक्षियों को प्रशिक्षण देने वाले लोगों का कहना है कि उनके साथ कोई क्रूरता नहीं की जाती है। पक्षियों को खुले स्थान में रखा जाता है और उनके पंजों में बांधा जाने वाला धागा बहुत ढीला होता है ताकि उन्हें चोट न पहुंचे।