गुजरात हिंसा:तीन इलाकों से कर्फ्यू हटा, बाकी जगह भी सुधर रहे हालात
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आरक्षण की मांग कर रहे पटेल समुदाय के विरोध प्रदर्शन के कारण सुलग रहे गुजरात में तनाव धीरे-धीरे कम हो रहा है। शुक्रवार को अहमदाबाद के तीन इलाकों से कर्फ्यू हटा लिया गया।
हालांकि कुछ संवेदनशील इलाकों में सेना ने फ्लैग मार्च किया है।पुलिस के अनुसार बुधवार को हुई हिंसा के बाद शहर के नौ इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया था।
इनमें से नरनपुरा, घटलोडिया और वदज थाना क्षेत्रों में स्थिति सुधरने के बाद कर्फ्यू हटा लिया गया है। बाकी शहर में भी जन जीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।
6 इलाकों में अभी भी है कर्फ्यू
जिलाधिकारी राजकुमार बेनीवाल ने बताया कि अहमदाबाद में बीते 24 घंटे में
हिंसा की कोई वारदात नहीं हुई है। स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण
में है। शहर में यातायात सामान्य हो गया है। शुक्रवार को सरकारी प्रतिष्ठान
और बाजार खुले।
हालांकि शहर के जिन छह इलाकों में अभी कर्फ्यू लगा हुआ है,
वहां के स्कूल-कॉलेज बंद रहे। राजकोट, सूरत, मेहसाणा समेत राज्य के दूसरे
हिस्सों से भी हिंसा की कोई बड़ी खबर नहीं आई है। सबसे बड़ी राहत की बात यह
रही कि दो दिनों की बंदी के बाद सूरत का हीरा और कपड़ा उद्योग फिर से खुल
गया है।
गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पटेल समुदाय के 32 वर्षीय व्यक्ति
की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में सीआईडी जांच के आदेश दिए।
सीआईडी जांच का दिया आदेश
पुलिस
ने आरक्षण की मांग दौरान हुई हिंसा के दौरान 25 अगस्त की रात इस व्यक्ति
को इसकी हाउसिंग सोसायटी से हिरासत में लिया था। दूसरी बार किए पोस्टमार्टम
रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में गंभीर चोट को बताया गया।
जस्टिस जेबी
परदिवाला ने स्वेतांग पटेल की मौत के मामले में सीआईडी जांच का निर्देश
दिया। कोर्ट ने पाया कि प्रथम दृष्टया यह मानव हत्या का मामला है और
बापूनगर थाना क्षेत्र के थानाध्यक्ष को हिरासत में मौत की एफआईआर दर्ज करने
के आदेश दिए।
कोर्ट ने सीआईडी को भी निर्देश दिए कि मामले की प्रगति
रिपोर्ट 31 अगस्त तक सौंपी जाए।